संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। राजकीय स्कूलों के छठी से 10वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों से इंस्पायर अवॉर्ड योजना के तहत 15 सितंबर तक ऑनलाइन नए आइडिया मांगे गए हैं। अभी तक रेवाड़ी से सिर्फ 216 आवेदन हुए हैं जिसके चलते जिला रेड जोन में है। सबसे अधिक महेंद्रगढ से 645 आवेदन हुए हैं।
इंस्पायर अवॉर्ड योजना में विद्यार्थी आवेदन करने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। यही कारण है कि जिले को इंस्पायर अवॉर्ड योजना में रेड जोन में रखा गया है। शिक्षा विभाग ने इंस्पायर अवॉर्ड योजना वर्ष 2013-14 में शुरू की थी। यह योजना विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से चलाई जा रही है। इसके तहत विद्यार्थियों को अपने आइडिया के साथ मॉडल भी तैयार करने होते है। विद्यार्थियों द्वारा भेजा गया आइडिया व्यावहारिक, सामाजिक उपयोगिता, पर्यावरण की अनुकूलता, नवीनता और वर्तमान तकनीक से बेहतरी के आधार पर होना चाहिए।
शिक्षा विभाग ने प्रत्येक खंड से 200 आवेदन कराने के निर्देश दिए हैं। इस हिसाब से देखा जाए तो जिले में इंस्पायर अवाॅर्ड को लेकर रफ्तार अभी काफी धीमी चल रही है। बीते दिनों इसे लेकर एक विभागीय बैठक हुई थी जिसमें बताया गया कि विद्यार्थियों को इस योजना के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी दी जाए ताकि योजना में अधिक रुचि दिखा सकें।
आइडिया चयनित होने पर मिलते हैं दस हजार रुपये
इंस्पायर अवॉर्ड मानक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग भारत सरकार का एक राष्ट्रीय कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य मेधावी छात्रों में विज्ञान की पढ़ाई के प्रति रुचि पैदा करना व वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए आकर्षित करना है। कार्यक्रम के तहत कक्षा छठी से दसवीं तक के मेधावी छात्र जिनके आइडिया चयनित होते हैं उनको दस हजार रुपये की अवॉर्ड राशि प्रदान की जाती है। इस राशि का उपयोग छात्रों द्वारा विज्ञान का एक प्रोजेक्ट या मॉडल बनाने व उसे जिला स्तरीय प्रदर्शनी प्रतियोगिता स्थल तक पहुंचाने के लिए किया जाता है।
जिलेवार आवेदन की स्थिति:
जिलाआवेदनजोन
महेंद्रगढ़645ग्रीन
भिवानी480यलो
चरखी दादरी331यलो
झज्जर480यलो
सोनीपत480यलो
रेवाड़ी216रेड
जींद240यलो
रोहतक188रेड
पंचकुला172रेड
यमुनानगर172रेड
वर्जन
इंस्पायर अवॉर्ड के तहत विद्यार्थियों से आइडिया मांगे गए हैं। इसके लिए आवेदन कराए जा रहे हैं। योजना का मुख्य उद्देश्य बच्चों को केवल नवप्रवर्तनों के लिए प्रेरित करना है, ताकि विद्यार्थियों की सोचने की क्षमता बढ़ सके। -रेनू यादव, जिला विज्ञान विशेषज्ञ, शिक्षा विभाग रेवाड़ी।