संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। कोलकाता में प्रशिक्षु महिला चिकित्सक के साथ हुई घटना के बाद सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में लचर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई जा रही है। नागरिक अस्पताल और ट्रामा सेंटर में सुरक्षा कर्मचारियों की कमी है। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज ने चिकित्सकों की सुरक्षा के पर्याप्त प्रबंध करने की मांग की है।
नागरिक अस्पताल और ट्रामा सेंटर में 34 सुरक्षा कर्मचारियों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में सिर्फ 14 कर्मचारी कार्यरत हैं। ऐसे में सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है। अक्सर स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ अभद्रता और हंगामा की घटनाएं होती हैं। ऐसी स्थिति में पर्याप्त सुरक्षा की जरूरत महसूस होती है। जब इस तरह की कोई घटना होती है तो कर्मचारियों की ओर से बीचबचाव करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होता है। जिला मुख्यालय स्थित नागरिक अस्पताल और ट्रामा सेंटर में 24 घंटे मरीजों का आवागमन होता है। ट्रामा सेंटर में तो अधिकांश मामले लड़ाई, झगड़ा, मारपीट और सड़क दुर्घटनाओं में होने वाले सामान्य से गंभीर रूप से घायलों और उनके परिजनों का 24 घंटे आना जाना लगा रहता है। यहां सिर्फ एक सुरक्षा कर्मचारी तैनात है। कई बार तो सुरक्षाकर्मी अन्य काम में लगा रहता है। जिला मुख्यालय की यह स्थिति है तो उपमंडल कोसली के नागरिक अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में सुरक्षा की क्या स्थिति होगी इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज (एचसीएमएस) एसोसिएशन से संबद्ध सरकारी चिकित्सकों ने 16 अगस्त को काला बैज लगाकर कोलकाता की घटना पर रोष प्रकट किया था। इसके बाद सिविल सर्जन के साथ बैठक भी हुई थी। इसमें सुरक्षा प्रबंध को लेकर सुझाव भी दिए गए है। प्रत्येक विभाग में कम से कम एक सुरक्षा कर्मचारी और आपातकालीन और लेबर रूम में तीन सुरक्षा कर्मचारी तैनात करने, ओपीडी के दौरान प्रवेश और निकास पर सुरक्षा व्यवस्था करने, ओपीडी समाप्त होने के बाद प्रवेश और निकास दरवाजे बंद करने, अस्पताल में रात के समय प्रकाश की व्यवस्था, मरीज के अटेंडेंट और मिलने आने वालों के लिए पास की व्यवस्था करने के सुझाव दिए गए है। इसके अलावा नागरिक अस्पताल परिसर की पुलिस चौकी के कर्मचारियों द्वारा रात में चार बार नागरिक अस्पताल और ट्रामा सेंटर का निरीक्षण करना चाहिए।
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वर्जन
कोलकाता की घटना ने स्वास्थ्य केंद्रों में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा दिए हैं। इस प्रकार की घटना न हो, इसके लिए सचेत रहने की जरूरत है। अधिकारियों के साथ मिलकर स्वास्थ्य केंद्रों की सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने की मांग कर रहे हैं। सिविल सर्जन के साथ बैठक में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सुझाव दिए गए हैं, लेकिन अभी तक इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। - डाॅ. पिंकेश धारीवाल, वरिष्ठ उपप्रधान, हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज रेवाड़ी।
वर्जन
स्वास्थ्य केंद्रों में सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश प्रवर चिकित्सा अधिकारियों को दिए गए हैं। सुरक्षा कर्मचारियों की कमी दूर कराने के लिए उच्चधिकारियों को अवगत कराया है। जल्द ही कमी दूर होगी।- डाॅ. सुरेंद्र यादव, सिविल सर्जन।