संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। राज्यसभा सदस्य रेखा शर्मा ने कहा कि अगर एक देश एक चुनाव का कानून लागू होता है तो इससे भारत के उत्थान को गति मिलेगी। इससे सरकार की ओर से बनाई गई लोक कल्याण नीतियों को हर व्यक्ति तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। इससे प्रत्येक चुनाव में आ रहे सरकारी खर्चों में लगाम लगेगी और वह पैसा राष्ट्र हित में लगाया जा सकेगा।
राई स्थित डॉ. बीआर आंबेडकर राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में शनिवार को एक राष्ट्र, एक चुनाव पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में उन्होंने कहा कि एक देश-एक चुनाव आज इस देश की मांग है। इसका सुझाव पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में बनाई गई समिति की ओर से प्रस्तुत किया गया था।
विशिष्ट अतिथि पूर्व मंत्री ओमप्रकाश प्रकाश धनखड़ ने कहा कि आजादी के बाद आम चुनाव व विधानसभा चुनाव एक साथ हुआ करते थे। वर्ष 1952, 1957, 1962 व 1967 तक देश में एक साथ चुनाव हुए। इसके बाद कुछ राज्यों का पुनर्गठन हुआ और कुछ नए राज्य बनाए गए। कुछ राज्यों में विधानसभाएं जल्द ही भंग होती गईं, जिससे चुनावी व्यवस्था बिगड़ती चली गई।
कुलपति प्रो. देविंद्र सिंह भी राष्ट्रीय सम्मेलन में गूगल मीट के माध्यम से शामिल हुए। उन्होंने कहा कि एक देश एक चुनाव से सरकारी मशीनरी पर कम बोझ पड़ेगा। चुनावों में मतदाताओं की संख्या में भारी वृद्धि दर्ज की जा सकेगी है।
इससे पहले कुलसचिव प्रो. (डॉ.) आशुतोष मिश्रा ने अतिथियों को स्मृति चिह्न व पटका भेंट कर उनका अभिनंदन किया। इस दौरान परीक्षा नियंत्रक डॉ. बलविंद्र कौर, डॉ. मधुकर शर्मा, उप कुलसचिव डॉ. रामफूल शर्मा, कुलपति के निजी सचिव राजेश कुमार, डॉ. सुखविंद्र सिंह, डॉ. अमित गुलेरिया, डॉ. रेनू शर्मा, ललित कुमार उपस्थित रहे।