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दिल्ली के प्रदर्शन के लिए सौपीं जिम्मेदारियां

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रेवाड़ी। कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित खेड़ा बॉर्डर पर किसानों का धरना 140 वें दिन भी जारी रहा। रविवार को धरनास्थल पर कोरोना से बचाव के इंतजाम व टीकाकरण भी अभियान चलाया गया। इसके अलावा 19वें दिन रोजा इफ्तार का दौर भी चला। वहीं पांच मई को दिल्ली में होने वाले रोष मार्च के लिए जिम्मेदारियां सौंपी गई।
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किसान नेता राजाराम मील ने कहा कि आंदोलन को तोड़ने का खूब प्रयास किया जा रहा है, लेकिन किसान मजबूती के साथ डटे हुए हैं। पांच मई को किसान दिल्ली में रोष मार्च निकालेंगे। मोदी सरकार किसान आंदोलन को बदनाम करने का प्रयास कर रही है, परंतु किसान इन्हें अपने मंसूबों में कभी कामयाब नहीं होने देगा। उन्होंने कहा कि किसान अनुशासित तरीके से आंदोलन कर रहा है और कोरोना काल कोरोना वॉरियर के रूप में भी कार्य कर रहा है। लेकिन किसी भी सूरत में बिना मांग पूरी हुए किसान आंदोलन से पीछे नहीं हटेगा।
खेड़ा बॉर्डर पर रोजा इफ्तार का दौर आज उन्नीसवें दिन भी जारी रहा। सभी किसानों ने मिल-जुलकर रोजा-इफ्तार किया। आज की समूह चर्चाओं और रोजा-इफ्तार में बाबा जैमल सिंह, बाबा सुखदेव सिंह, पृथ्वी सिंह, जापान सिंह, मौलाना दिलशाद, अमजद भाई, फजरु भाई, साजिद भाई, अब्दुल भाई, अमराराम, रामकिशन महलावत, राजाराम मील, बलवीर छिल्लर, तारा सिंह सिद्धू, पेमाराम, गणपत सिंह, रघुवीर सिंह, ज्ञानी राजवीर सिंह, महावीर सिंह सरपंच, अनिल भेरा, जय सिंह जनवास, ओम प्रकाश, कुलदीप मोहनपुर, ज्ञानीराम मंडोली, जोगेन्द्र यादव, पवन दुग्गल, अंकुश सोलंकी, राकेश विश्नोई, रविन्द्र तरखान, पृथ्वी बुढानिया, राकेश फगेडिया, संतबीर सिंह, हृषिकेश कुलकर्णी व सतपाल यादव सहित अन्य शामिल हुए।
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