रेवाड़ी। आदर्श नगर श्मशान स्थल पर आने वाले शवों के दाह संस्कार के लिए 63 लाख रुपये की लागत से खरीदी गई विद्युत व गैैस से चलने वाली दो मशीनें दो वर्षों से उपयोग में नहीं हैं। इन मशीनों को चलाने के लिए आपूर्तिकर्ता कंपनी ने ऑपरेटर तक उपलब्ध नहीं कराए। रही सही कसर नगर परिषद ने मशीन चलाने के लिए लगाए गए जेनरेटर को हटाकर पूरी कर दी। अब शवों के दाह संस्कार के इंतजार में मशीने बूढ़ी हो चुकी हैं।
शहर के डबल फाटक पार स्थित आदर्श नगर श्मशान स्थल में कोविड काल के दौरान करीब दो वर्ष पूर्व नगर परिषद की ओर से शव का अंतिम संस्कार करने के लिए एक इलेक्ट्रिक व गैस से चलने वाली मशीन लगाई गई थी। यहां दो वर्षों में महज तीन शवों का इस मशीन से अंतिम संस्कार किया गया है। यह मशीन बिजली और गैस दोनों से संचालित होती है। मशीन लगाने का उद्देश्य यही था कि कोविड से मरने वाले लोगों का दाह संस्कार इससे ही किया जाए, लेकिन हैरानी इस बात की है कि जिले में 200 से अधिक लोगों की कोविड से मौत हुई, लेकिन मशीन से दाह संस्कार महज तीन का ही किया गया।
मशीन चलाने के लिए ऑपरेटर ही नहींजिस कंपनी से दाह संस्कार वाली मशीन लगवाई गई थी, उसे चार महीनों के लिए ऑपरेटर देना था। इसके बाद नप को कर्मचारी तैनात करना था। नप के तत्कालीन अधिकारियों की साठगांठ की वजह से ऑपरेटर की जरूरत ही नहीं पड़ी। बिना शर्तों को पूरा किए कंपनी की बिल की फाइल भी पास हो गई। श्मशान स्थल में रहने वाले व्यक्ति से बात की तो उसने बताया कि जब पहले शव का मशीन में दाह संस्कार किया गया तो वह अधजला ही रह गया था।
जेनरेटर उठाकर ले गए अधिकारी
मशीन को चूंकि बिजली और गैस दोनों से चलाना पड़ता है। इसलिए यहां जेनरेटर भी लगाया गया था। मशीन शटर के भीतर बंद है, इसका लाभ उठाते हुए नप के अधिकारी श्मशान स्थल का जेनरेटर उठाकर कार्यालय में ले गए। ऐसे में अगर यहां अंतिम संस्कार करना पड़ गया और बिजली चली गई तो यह काम भी बीच में अटक सकता है।
जानबूझकर खराब करने की स्थिति
श्मशान स्थल में 63 लाख रुपये की लागत से लगाई गई मशीन को जानबूझकर खराब करने की स्थिति में लाया जा रहा है। बिना जेनरेटर के लाइट नहीं होने पर मशीन स्टार्ट ही नहीं हो सकती। ऐसे में क्या शव को भी लाइट आने का इंतजार कराया जाएगा। नप अधिकारियों को श्मशान स्थल को तो छोड़ देना चाहिए। यहां मशीन को सुचारू किया जाए और जनरेटर वापस लगाया जाए।
- बबीता, पार्षद, वार्ड नंबर 25
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- बिना शर्तों को पूरा किए कंपनी का बिल व फाइल पास
जिस कंपनी से दाह संस्कार वाली मशीन लगवाई गई थी उसे चार महीनों के लिए ऑपरेटर देना था। इसके बाद नप को कर्मचारी तैनात करना था। नप के तत्कालीन अधिकारियों की सांठगांठ की वजह से ऑपरेटर की जरूरत ही नहीं पड़ी। बिना शर्तों को पूरा किए कंपनी की बिल की फाइल भी पास हो गई।
- ओम प्रकाश, स्थानीय निवासी
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- शवों के साथ व्यवस्था का भी अंतिम संस्कार
यहां शवों के साथ व्यवस्था का भी अंतिम संस्कार होता है। प्रदूषण नियंत्रण और लकड़ियों की खपत कम करने के नेक मकसद की यहां रोज तिलांजलि दी जाती है। वजह, श्मशान स्थल पर आने वाले शवों के दाह संस्कार के लिए 63 लाख रुपये की लागत से खरीदी गई विद्युत व गैैस से चलने वाली दो मशीनें दो वर्षों से उपयोग में नहीं हैं।
- चेतन देव, स्थानीय निवासी
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वर्जन:
रेवाड़ी का कुछ दिन पहले ही चार्ज दिया गया है। श्मशान स्थल में शवों का अंतिम संस्कार करने वाली मशीनों को चलाने के लिए प्रयास किए जाएंगे।
- मंजीत सिंह, एक्सईएन, नगर परिषद, रेवाड़ी