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Rewari News: जिला परिषद की बैठक में नहीं पहुंचे अधिकारी, पार्षदों ने किया हंगामा

Wed, 19 Mar 2025 12:11 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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लोक निर्माण विश्रामगृह में आयोजित जिला परिषद की बैठक। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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रेवाड़ी। लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में मंगलवार को हुई जिला परिषद की बैठक में अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर पार्षदों ने हंगामा किया। इसके बाद तय किया गया कि अनुपस्थित अधिकारियों को नोटिस जारी किया जाएगा।
जिला परिषद की बैठक की अध्यक्षता जिला प्रमुख मनोज यादव ने की। बैठक में अधिकारी नहीं पहुंचे थे। कुछ अधिकारियों ने अपने कर्मचारियों को भेज दिया था। इसको लेकर पार्षदों ने आपत्ति जताई। जिला प्रमुख मनोज यादव ने भी नाराजगी व्यक्त की। जिला पार्षदों ने रोष जताते हुए कहा कि जब अधिकारी ही नहीं हैं तो मुद्दे उठाने का फायदा ही क्या है। पार्षदों ने कहा कि बैठक में सभी अधिकारियों का पहुंचना जरूरी होता है। इसके बाद भी इस पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया गया।
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जिला पार्षदों की बात पर सहमति जताते हुए मनोज यादव ने कहा कि सभी अधिकारियों को 10 से 15 दिन पहले ही बैठक की जानकारी दे दी गई थी। इसके बाद भी अधिकारियों ने बैठक को नजरअंदाज किया। यह उचित नहीं है। साल में छह बार तो बैठक होनी होती है, उसमें भी अधिकारी नहीं पहुंच रहे हैं। ऐसे में कैसे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य होंगे। उन्होंने बताया कि अधिकारियों को जल्द ही नोटिस जारी किया जाएगा।

छात्राओं के लिए बस चलाने की मांग

जिला प्रमुख मनोज यादव ने बताया कि बैठक में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत पर चर्चा हुई। कई रूट पर छात्राओं के लिए बस चलाने की मांग की गई। इसे मुद्दे को रोडवेज जीएम के समक्ष रखा गया है। कूड़ा उठान, कूड़े के निस्तारण को लेकर भी चर्चा की गई है। रुके हुए विकास कार्यों पर बातचीत हुई है। जल्द ही रुके विकास कार्यों को पूरा करवाया जाएगा। जिला पार्षद शारदा यादव ने बताया कि 4 करोड़ 10 लाख 98 हजार का बजट तैयार किया गया है। जहां-जहां क्षेत्र में बजट की जरूरत है, वहां पर कार्य करवाया जाएगा। बैठक में अधिकारियों की अनुपस्थिति गंभीर मामला है इस पर ध्यान देने की जरूरत है।
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पार्षदों का आरोप, क्षेत्र में भी नहीं सुनते अधिकारी

पार्षदों ने आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारी अपने क्षेत्र में हमारी बात नहीं सुनते हैं। बैठक की एक ऐसा माध्यम होता है जब अपनी बात अधिकारियों तक पहुंचाई जा सकती है। अब अधिकारी जब बैठक भी नहीं आएंगे तो बात कैसे पहुंचाई जाएगी। केवल खानापूर्ति की जा रही है। बात चाहे क्षेत्र की हो या बैठक की, हर जगह पर आश्वासन ही मिलता है। अधिकारियों की सुस्त कार्यशैली के चलते ही विकास कार्य समय से नहीं हो पाते हैं।
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