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Rewari News: नूंह हिंसा को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी पर रोक की मांग

Sun, 13 Aug 2023 11:33 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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खरखौदा (सोनीपत)। दहिया खाप युवा सर्वजातीय सर्वधर्म सामाजिक पंचायत ने नूंह हिंसा के बाद से हो रही आपत्तिजनक टिप्पणियों पर रोक लगाने की मांग की है। इसे लेकर बैठक कर धर्म, जाति और गोत्र के नाम पर सोशल मीडिया पर हो रही टिप्पणियों को गलत बताया है। साथ ही कहा गया कि अगर कोई इसके बाद भी इस प्रकार की टिप्पणी कर सामाजिक ताने-बाने को तोड़ने का प्रयास करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रशासन को पत्र लिखा जाएगा।
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पंचायत सदस्य विकेश दहिया ने कहा कि नूंह हिंसा के बाद से कुछ लोग धर्म, जाति और गोत्र को आधार बनाकर सोशल मीडिया पर अपने विचार प्रसारित कर रहे हैं। इससे भाईचारा खराब हो रहा है। अगर किसी को बयानबाजी करनी है तो धर्म, जाति या गोत्र का नाम लिए बिना करे। इसे लेकर वह पंचायत की तरफ से प्रशासन को मांगपत्र सौंपेंगे। जरूरत पड़ी तो वह ऐसे व्यक्ति के खिलाफ शिकायत देंगे।
उन्होंने कहा कि आरक्षण आंदोलन के दौरान भी खरखौदा में भाईचारे के मजबूत होने के कारण कोई दिक्कत नहीं आई थी। भाईचारा दिखाते हुए आगे बढ़ने की जरूरत है। बैठक की अध्यक्षता कर रहे हवा सिंह दहिया ने कहा कि खरखौदा में किसी धर्म व जाति के व्यक्ति को डरने की जरूरत नहीं है। इस दौरान मुस्लिम समुदाय से आए नसीम ने कहा कि नूंह के बाद से ही उन्हें सोशल मीडिया पर लगातार अलग-अलग मैसेज देखने के लिए मिल रहे थे। उससे उन्हें डर लगने लगा था, लेकिन बैठक से उन्हें हौसला मिला है। वह खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। इस दौरान पूर्व पार्षद प्रेम उर्फ लीला, देशपाल रोहणा, राजेश निरथान, जिंद्र सिसाना, कृष्ण सिसाना, महेंद्र सेहरी, यशु मंडोरा, विनोद सैनी, प्रवेश खांडा, नवीन पिपली, नवीन बरोणा, सत्यवान शर्मा, सलीम, अमित गोपालपुर व राहुल हसनगढ़ मौजूद रहे।
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नूंह हिंसा : रेवाड़ी में 11 पंचायतों को नोटिस भेजा

रेवाड़ी। जिले की कुछ ग्राम पंचायतों की ओर से समुदाय विशेष के लोगों का गांवों में प्रवेश बंद करने पर प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। जिले की 11 पंचायतों को नोटिस भेजकर कारण पूछा गया है। नूंह हिंसा के बाद खोल व कोसली क्षेत्र की एक दर्जन से अधिक पंचायतों ने गांवों में समुदाय विशेष के लोगों के प्रवेश बंद करने का प्रस्ताव पास किया था। पंचायतों के इस तरह के पत्र वायरल होने के बाद जिला प्रशासन की ओर से निर्देश जारी किया गया कि किसी के प्रवेश पर कोई पाबंदी नहीं होगी। डीसी की ओर से 11 सरपंचों को सात दिन का कारण बताओ नोटिस भेजे गए हैं। संवाद
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