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Rewari News: अब अगले साल ही डिपो को नई बसें मिलने की उम्मीद

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रेवाड़ी। नया साल आने को है, लेकिन अभी तक बसें नहीं मिल पाई हैं। यह महीना खत्म होने को अब केवल सात दिन ही बाकी हैं। इस सप्ताह रोडवेज डिपो में 10 बसें शामिल होने वाली थीं। अब वह बसें शामिल नहीं होंगी। कारण यह रहा कि नारनौल डिपो की तरफ से जो 10 बसें आनी थी, वहां की स्थानीय रोडवेज यूनियन की तरफ से बसें भेजने को लेकर विरोध किया गया था, जिस वजह से नारनौल डिपो महाप्रबंधक ने बसें नहीं भेजने का फैसला किया है। दूसरी ओर रेवाड़ी रोडवेज प्रशासन लगातार बसों के लिए इधर-उधर जिलों में संपर्क कर रहा है। रोडवेज महाप्रबंधक की ओर से कैथल से 10 बसें मंगाने की बात कही गई है। वह बसें कब आएंगी इसे लेकर अभी कुछ भी नहीं कहा जा सकता है। रेवाड़ी रोडवेज महाप्रबंधक का कहना है कि बसों को लेकर व्यवस्था बनाने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए लगातार संपर्क किया जा रहा है। कैथल से बसें आने की अब उम्मीद है। लोगों को किसी तरह की परेशानी ना हो इसे लेकर मौजूदा समय में सुचारू रूप से व्यवस्था चलाई जा रही है।
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नया साल भी आने को, नहीं मिली नई बसें

बसों की कमी के कारण करीब 2 साल से जींद, हिसार व भिवानी रूट पर बसों का संचालन बंद है। पंचकूला, बालाजी रूट पर 6 माह तथा वृंदावन, फरीदाबाद, रोहतक व बावल जयपुर से करीब 2 माह पहले शुरू की गई बस सेवाएं बंद हैं, जिस वजह से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जबकि इन रूटों पर बसें चलने से विभाग को काफी फायदा भी होता था। दूसरी तरफ झज्जर, पटौदी, महेंद्रगढ़ सहित कई रूटों पर बसों के फेरों में भी कटौती की गई है।

इलेक्ट्रिक बसों के मिलने की अगले साल उम्मीद

रेवाड़ी डिपो को 50 इलेक्ट्रिक बसें भी मिलेंगी। हालांकि, इलेक्ट्रिक बसों के जल्द मिलने की उम्मीद अभी कम ही नजर आ रही है, क्योंकि इलेक्ट्रिक बसों के लिए नए बस स्टैंड पर चार्जिंग स्टेशन प्रस्तावित है और उसका कार्य अभी तक शुरू नहीं हुआ है। जनवरी के अंत में चार्जिंग स्टेशन का कार्य आरंभ होने की आशंका जताई जा रही है।
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10 साल में यात्री बढ़े, बसें नहीं

आज से 10 साल पहले करीब 180 के आसपास बसें रोडवेज के पास थी। मौजूदा समय में रोडवेज के पास 131 बसें हैं। पिछले 10 साल के रिकॉर्ड की बात करें तो 50 बसें कम है। रोजाना 30 हजार यात्री अभी सफर करते हैं। त्योहार के दिनों में यात्रियों की संख्या 40 हजार के आसपास पहुंच जाती है। 10 साल पहले करीब 15 करीब के आसपास यात्री सफर करते थे। इस साल करीब 20 बसें कंडम हुई हैं। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है मगर बसों की संख्या कम हो रही है। रोडवेज डिपो के पास 164 परिचालक और 135 चालक हैं। जरूरत 177 परिचालकों और 155 चालकों की है।
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डिपो में बसों की कमी को दूर करने के लिए लगातार संपर्क किया जा रहा है। जल्द ही बसें मिलने की उम्मीद है।
- देवदत्त, जीएम, रोडवेज विभाग
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