रेवाड़ी। हरियाणा सरकार ने सुशासन की दिशा में अगला कदम बढ़ाते हुए शस्त्र लाइसेंस से जुड़ी 14 सेवाओं को ऑनलाइन कर दिया है। सरकार की इस पहल से सरल केंद्र के माध्यम से इस लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा। इससे आवेदकों को अब बेवजह सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पडे़ंगे और उनका समय भी बचेगा।
डीसी अशोक कुमार गर्ग ने बताया कि शस्त्र लाइसेंस बनवाने के लिए अब आवेदक को केवल 2100 रुपये खर्च करने होंगे। जिसमें 1500 रुपये प्रशिक्षण, 500 रुपये आवेदन व 100 रुपये अटल सेवा केंद्र के माध्यम से आवेदन अप्लाई करने का शुल्क होगा। लाइसेंस के लिए जरूरी प्रशिक्षण पहले गृहरक्षी सेवाएं के माध्यम से दिया जाता था, लेकिन अब यह प्रशिक्षण 6 प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से मिलेगा, जिनमें क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र, गुरुग्राम (भोंडसी), पुलिस प्रशिक्षण केंद्र रोहतक (सुनारिया), पुलिस लाइन पंचकूला (मोगीनंद), हरियाणा पुलिस अकादमी करनाल (मधुबन), पुलिस लाइन हिसार तथा पुलिस लाइन नारनौल शामिल है।
डीसी ने बताया कि शस्त्र लाइसेंस से जुड़ी 14 सेवाओं को ऑनलाइन किया गया है। जिनमें नए शस्त्र लाइसेंस जारी करना, शस्त्र लाइसेंस का नवीनीकरण, शस्त्र का बिक्री/ हस्तांतरण/उपहार, बाहरी लाइसेंस का पंजीकरण, शस्त्र का अधिग्रहण, शस्त्र अधिकार क्षेत्र के भीतर पते का परिवर्तन, शस्त्र की खरीद अवधि का विस्तार, शस्त्र लाइसेंस में शस्त्र का अनुमोदन, शस्त्र लाइसेंस से शस्त्र हटाना, एक प्रकार के शस्त्र का परिवर्तन, डुप्लीकेट शस्त्र लाइसेंस जारी करना, गोला बारूद की मात्रा में परिवर्तन, क्षेत्र की वैधता का विस्तार तथा शस्त्र लाइसेंस का निलंबन/रद्द/ निरस्तीकरण आदि शामिल है।
डीसी ने बताया कि शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदक अब सरल पोर्टल के माध्यम से आवेदन करने के साथ ही उससे जुड़ी हर स्तर की सूचना आवेदक को एसएमएस के माध्यम से प्राप्त होगी। इसी पोर्टल पर व्यक्ति शस्त्र प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए अपनी सुविधा अनुसार स्लॉट बुक कर सकेगा। प्रशिक्षण के लिए आवेदक को मात्र 1500 रुपये की फीस देनी होगी। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षुओं को दो दिन थ्योरी व एक दिन का शस्त्र प्रशिक्षण देने उपरांत सर्टिफिकेट जारी किए जाएंगे।