राजगढ़। जिला मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित गांव पुंसिका में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। करीब 1100 मतदाताओं वाले गांव में करीब 1700 की आबादी है। करीब 300 साल पूर्व अस्तित्व में आए गांव के अधिकतर युवा सेना में भर्ती हैं। गांव में छह स्वतंत्रता सेनानी भी हुए हैं। गांव में लंबे समय से खेल मैदान और परिवहन सुविधा तक का अभाव है। अमर सिंह, जगमाल, बहादुर सिंह, स्वाईराम, अर्जुन सिंह व दयाराम आदि स्वतंत्रता सेनानी युवाओं के प्रेरणास्रोत हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में खेल के मैदान का अभाव है, जिसके कारण युवाओं को खेलों का अभ्यास करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव के जोहड़ की पाल भी नहीं है, जिसमें हर वक्त हादसे का डर बना रहता है। संवाद
गांव में हैं ये सुविधाएं
गांव में सरकारी सुविधा के नाम पर 12वीं कक्षा तक राजकीय स्कूल, दो आंगनबाड़ी केंद्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं, लेकिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन जर्जर हाल है, जिसमें कार्य करने से स्वास्थ्यकर्मियों को भी डर लगता है।
क्या कहते हैं ग्रामीण
गांव में परिवहन की सुविधा का अभाव है। इसके अलावा गांव से कुंडल और गांव से रेवाड़ी की ओर जाने वाले रोड की हालत खस्ता है। छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए रेवाडी जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
-सुरेंद्र, ग्रामीण।
सैनिक बाहुल्य गांव के युवाओं का सेेना में भर्ती होने का रुझान अधिक है, लेकिन गांव में खेल का मैदान नहीं होने के कारण युवाओं को काफी परेेशानी उठानी पड़ रही है।
-राजेश यादव, ग्रामीण।
गांव में बच्चों की पढ़ाई के लिए लाइब्रेरी की सुविधा नहीं है। ग्रामीण लंबे समय से इसकी मांग करते रहे हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन जर्जर होने के कारण ग्रामीणों काे उसमें जाने से डर लगता है।
-सज्जन यादव, ग्रामीण।
वर्जनस्वास्थ्य केंद्र की जर्जर बिल्डिंग को लेकर बीएंडआर ने इसे कंडम घोषित कर दिया है। नई बिल्डिंग के लिए स्थानीय मंत्री को प्रस्ताव भेजा हुआ है। इसी के साथ पंचायत घर में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्र के अपने भवन के लिए एस्टीमेट दिया हुआ है। पंंचायत ग्राम विकास के लिए प्रयासरत है।
-सतपाल यादव, सरपंच।