रेवाड़ी। पैदल चलने वालों के लिए इस शहर में सड़क क्रॉस करने के लिए कोई व्यवस्था ही नहीं है। 5 किमी. के सरकुलर रोड पर दिनभर हजारों वाहन दौड़ते हैं, लेकिन पैदल व्यक्ति सड़क पार कर सके इसके लिए जेब्रा क्रॉसिंग जैसी व्यवस्था नहीं है। शहर के सरकुलर रोड पर वाहनों का दबाव बढ़ने के चलते हालात यह हो गए हैं कि एक मिनट के लिए भी ट्रैफिक रुकता नजर नहीं आता। वाहनों की लाइन दिनभर लगी ही रहती है। इन हालात में जब भी सड़क पार करनी पड़ती है तो लोग या तो एक छोर से दूसरे छोर तक भागते नजर आते हैं या फिर वाहनों के बीच से जान हथेली पर रखकर गुजरते हैं। अब इस शहर की सड़कों पर भी जेब्रा क्रॉसिंग की जरूरत है। हैरानी की बात है कि प्रशासन विभाग की नजर आजतक लोगों की इन परेशानियों की ओर गई ही नहीं है। नियमानुसार हर चौराहों पर जेब्रा क्रॉसिंग का होना बेहद आवश्यक है। ताकि पैदल व्यक्ति आसानी से सड़क को पार कर सके। आमजन प्रशासन की ओर इसके लिए उम्मीद की नजर से देख रहा है।
सबसे ज्यादा समस्या बुजुर्गों और छोटे बच्चों को होती है। सड़क पार करने में ही कई मिनट लग जाते हैं। कई बार हादसे भी देखने को मिले हैं। शहर के महाराणा प्रताप चौक, राव गोपाल देव चौक, राव तुलाराम चौक, अग्रसेन चौक, आंबेडकर चौक, हुडा चौक, लियो चौक यहां पर जेब्रा क्रॉसिंग नहीं है, जबकि यहां से बड़ी संख्या में लोग गुजरते हैं। उसके बावजूद प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाएं हैं। शहर के ट्रैफिक लाइट्स भी खस्ताहाल हालत में हैं।
आज तक कोर्ट के आदेशों के नहीं हुए पालन
मार्च 2023 को सीसीटीवी कैमरा व ट्रैफिक लाइट, जेब्रा क्रासिंग को शहर के अंदर सुचारू रूप से चलाया जाए वकील सुनील भार्गव ने कोर्ट में बात रखी थी। जिस बाद नगर परिषद रेवाड़ी को यह हिदायत दी गई थी कि शहर की ट्रैफिक लाइट सुचारू रूप से चलाई जाए और 2 माह के अंदर नगर परिषद ठीक कर एसपी रेवाड़ी को ऑपरेट करने के लिए जिम्मा दे। साल खत्म होने को है। अभी तक स्थिति वही की वही है। हालांकि नगर परिषद के अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही व्यवस्था अब दूरुस्त करवा दी जाएगी।
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ट्रैफिक लाइटस को लेकर टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। व्यवस्था बना दी जाएगी।
-प्रवीण, एक्सईएन, नगर परिषद