रेवाड़ी। रोडवेज बेड़े में नई बसों के शामिल नहीं होने के कारण उत्तराखंड जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों को उत्तराखंड जाने के लिए दिल्ली से बसें पकड़नी पड़ रही हैं। हालांकि रेवाड़ी डिपो से हरिद्वार के लिए एक बस का संचालन चालू है, परंतु उसका फायदा भी यात्रियों को नहीं मिल रहा है।
मई में रेवाड़ी डिपो के बेड़े में नई बसें शामिल होने के बाद प्रबंधन ने उत्तराखंड से कनेक्टिविटी के लिए रेवाड़ी से देहरादून का परमिट लिया था। इसके बाद देहरादून के लिए नई बस सेवा की शुरू की गई थी। देहरादून के लिए यह पहली बस सुविधा थी, लेकिन परमिट ज्यादा दिन नहीं चलने के कारण इस रूट पर चलने वाली बस का संचालन रोक दिया गया। अब सिर्फ हरिद्वार तक ही बस का संचालन किया जा रहा है। इसकी वजह से उत्तराखंड के लोगों को अब ट्रेन से देहरादून जाना पड़ रहा है। वहीं बसों में यात्रा करने वाले यात्रियों को उत्तराखंड जाने के लिए दिल्ली बस स्टैंड से बस पकड़नी पड़ रही है।
बसों के बेड़े में 177 स्वीकृत, अभी 132 बसें
मुख्यालय की तरफ से पिछले साल सभी डिपो के लिए मौजूदा बेड़े में बढ़ोतरी की गई थी। रेवाड़ी डिपो के लिए बसों की संख्या 150 से बढ़ाकर 177 कर दी गई है। हालांकि जिले में रोडवेज बसों की जरूरत और बड़ी आबादी को रोडवेज सुविधा के लिहाज से यह संख्या काफी कम है। अभी डिपो के पास 35 अनुबंधित बसों सहित कुल 132 बसें हैं। अभी बेड़े में आठ बसें और आने की उम्मीद है, जिन्हें लंबे रूटों पर चलाया जा सकता है।
उत्तराखंड के चार शहरों के लिए चलनी थी बसें, नहीं मिला परमिट
रोडवेज प्रबंधन ने रेवाड़ी से उत्तराखंड के लिए बसें चलाने का प्रयास शुरू किए थे, लेकिन इसके संचालन पर भी संशय बना हुआ है। इसके लिए उत्तराखंड के चार शहरों के लिए बसों का संचालन शुरू करने का प्रस्ताव मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा था, लेकिन मुख्यालय की मंजूरी नहीं मिलने के कारण अभी तक रूट परमिट नहीं मिला है। परमिट मिलते ही रोडवेज प्रबंधन रेवाड़ी से उत्तराखंड के टनकपुर, काठगोदाम, रानीखेत व नैनीताल के लिए बसों का संचालन शुरू करेगा।
यहां औद्योगिक क्षेत्र में कार्य करते हैं उत्तराखंड के लोग
जिले में बावल और धारूहेड़ा औद्योगिक क्षेत्र हैं। साथ ही जिले की सीमा से भिवाड़ी व नीमराणा औद्योगिक क्षेत्र भी लगते हैं। ऐसे में जिले से बड़ी संख्या में उत्तराखंड के लोग यहां कंपनियों में कार्य करते हैं। वह ट्रेन या बसों से उत्तराखंड जाते हैं, जबकि ऋषिकेश के लिए एक ही नियमित ट्रेन है। देहरादून के लिए साप्ताहिक ट्रेन चलती है। यात्रियों की अधिकता को देखते हुए रोडवेज प्रबंधन ने उत्तराखंड के चार शहरों में रेवाड़ी से बसों का संचालन करने का निर्णय लिया था।
अगले दो माह में 14 बसें कंडम हो जाएंगी
रोडवेज डिपो की ओर से 132 बसों का संचालन किया जा रहा है। इनके लिए 189 चालक व 179 परिचालक भी ड्यूटी पर तैनात हैं, लेकिन बसों की घटती संख्या के कारण यात्रियों की सुविधा पर काफी असर पड़ रहा है। अगले दो महीने बाद अपना समय पूरा करने के बाद डिपो की करीब 14 बसें कंडम होने वाली है। तीन महीने पहले डिपो में 12, 54 सीटर बसें व 10 मिनी बसें आई थीं तथा 8 बसें अभी पूरी तरह तैयार नहीं होने पर नहीं आ पाई है।
कोट
उत्तराखंड के चार शहरों के लिए बस सेवा शुरू करने की योजना सरकार की है। अभी उत्तराखंड के लिए बसें चलाने की कोई भी योजना नहीं है।
- देवेंद्र सिंह, सीआई, रोडवेज