रेवाड़ी। निपुण अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए शिक्षा विभाग प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों के लिए छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 14 सितंबर से आयोजित करेगा। इसका उद्देश्य शिक्षकों के व्यावसायिक विकास के साथ विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में सुधार करना है।
अधिकारियों का कहना है कि अभियान के तहत पिछले पांच वर्षों में जिले में किए गए प्रयासों को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों को बच्चों को सरल और प्रभावी तरीके से पढ़ाने की विभिन्न तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही कक्षा में विद्यार्थियों की जरूरत और क्षमता के अनुसार शिक्षण गतिविधियां कराने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
शिक्षकों को ऐसी गतिविधियों से भी परिचित कराया जाएगा, जिनके माध्यम से बच्चों की सीखने की क्षमता को बेहतर बनाया जा सके। निपुण अभियान के तहत विद्यार्थियों की बुनियादी पढ़ाई, लेखन और गणितीय समझ को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण में शिक्षकों को इन क्षेत्रों में बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए जरूरी गतिविधियों और प्रभावी शिक्षण विधियों के बारे में जानकारी दी जाएगी। वहीं शिक्षकों की क्षमता बढ़ने का सीधा लाभ विद्यार्थियों को मिलेगा।
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद शिक्षक कक्षा में नई तकनीकों और गतिविधियों का बेहतर तरीके से इस्तेमाल कर सकेंगे। इससे बच्चों को विषयों को आसानी से समझने में मदद मिलेगी और उनके सीखने के परिणाम में सुधार आने की उम्मीद है।
शिक्षा विभाग का उद्देश्य है कि प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षकों को व्यावहारिक जानकारी देकर कक्षा शिक्षण को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। इसके परिणामस्वरूप प्राथमिक स्तर पर बच्चों की बुनियादी शैक्षणिक नींव और मजबूत हो सकेगी।
तैयार किए गए मॉड्यूल्स
यह प्रशिक्षण शिक्षकों को बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को रोचक और प्रभावी बनाने के लिए नवीनतम शिक्षण तकनीकों से लैस करेगा। विशेष रूप से एफएलएन के लिए डिजाइन किए गए मॉड्यूल्स तैयार किए हैं, जिनमें प्रेक्टिकल एक्टिविटीज, गेम-बेस्ड लर्निंग और मूल्यांकन के आधुनिक तरीकों पर जोर दिया गया है।
वर्जन:
निपुण हरियाणा की ओर से विकसित विशेष वीडियो, गतिविधि-आधारित मॉड्यूल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से ज्ञान साझा किया जाएगा। एससीईआरटी गुरुग्राम और डायट के साथ समन्वय कर प्रशिक्षण की प्रगति की निगरानी की जाएगी।-चरण सिंह, जिला एफएलएन समन्वयक