रेवाड़ी। छह मार्च 2014 को अमर उजाला ने रोहतक संस्करण के साथ हरियाणा में कदम रखा था। अब आठ वर्ष का गौरवमयी सफर तय करने के बाद नौवें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। इस दौरान अमर उजाला स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन और विकास के मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए उनके समाधान के लिए अग्रसर रहा। प्रयास के चलते जिले को विश्व स्तर के नौ परियोजना भी मिले। अब ये परियोजना धरातल पर उतरने लगे हैं। इससे रेवाड़ी को वैश्विक पहचान मिलेगी। सड़क, स्वास्थ्य, रोजगार, यातायात, डेयरी व खेल से जुड़े परियोजनाओं पर करीब 1000 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है। परियोजनाओं की परिकल्पना से लेकर मंजूरी तक के सफर में अमर उजाला ने जनता की आवाज लगातार बुलंद करते हुए अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ये नौ परियोजना आने वाले समय में जिले की तस्वीर बदलने के साथ ही विकास की राह भी खोल देंगे। आठ वर्ष का सफर अमर उजाला परिवार के लिए अत्यंत सराहनीय रहा। वहीं सुधि पाठकों ने नए-नए विचारों और प्रेरणा से संस्थान को निरंतर आगे बढ़ाया। इसके लिए अमर उजाला परिवार सभी का आभार व्यक्त करता है।
गांव खिजूरी में बनेगा 200 करोड़ की लागत से डेयरी संयंत्र
बावल उपमंडल के गांव खिजूरी में बनेगा करीब 200 करोड़ की लागत से सहकारिता विभाग की ओर से डेयरी संयंत्र (दुुग्ध प्लांट) की स्थापना की जाएगी, जिससे न केवल सैकड़ों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे बल्कि दुग्ध के क्षेत्र में भी स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा। बीते 25 जनवरी को केंद्रीय सहकारिता एवं गृहमंत्री अमित शाह ने इसका ऑनलाइन शिलान्यास किया था।
बावल में इसी साल शुरू हो जाएगा लघु सचिवालय
बावल शहर के साबन रोड पर करीब दो करोड़ रुपये की लागत से लघु सचिवालय का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इसका 95 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा किया जा चुका है। केंद्रीय मंत्री की ओर से इस लघु सचिवालय का शिलान्यास किया जा चुका है। संभवतया इसी वर्ष बावल उपमंडल के सभी कार्यालय यहां एक ही छत के नीचे शिफ्ट हो जाएंगे। इससे क्षेत्र के लोगों को विकास कार्यों के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा।
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जल्द शुरू हो जाएगा बाईपास, जिले के लोगों को जाम से मिलेगी मुक्ति
झज्जर व नारनौल रोड को जोड़ने वाले 5 किलोमीटर लंबे बाईपास निर्माण में अंतिम बाधा भी दूर हो गई है। मामला रेवाड़ी-नारनौल रेलवे लाइन एलसी-4 पर बनने वाले ओवरब्रिज की स्वीकृति को लेकर अटका हुआ था। रेलवे और हरियाणा स्टेट रोड एवं ब्रिज डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के बीच ड्राइंग पर सहमति बनने से अब शहरवासियों को इस वर्ष तक यह बाईपास मिलने की संभावना है। अमर उजाला ने निर्माण में हो रही देरी को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
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40 हजार श्रमिकों के लिए ईएसआई अस्पताल निमार्ण शुरू होने की उम्मीद
रेवाड़ी, बावल और धारूहेड़ा की छोटी-बड़ी दो हजार से अधिक औद्योगिक इकाइयों में 40 हजार से अधिक श्रमिक काम करते हैं। लंबे समय से बावल में ईएसआई अस्पताल के निर्माण की मांग की जा रही थी। अमर उजाला ने लगातार इस मांग को लेकर समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किए हैं। 2019 में 100 बेड के अस्पताल निर्माण की घोषणा व 70 करोड़ रुपये का बजट मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जा चुका है। इसका शिलान्यास भी किया जा चुका है। निर्माण पूरा होते ही अब जल्दी ही श्रमिकों को गुरुग्राम व मानेसर में उपचार के लिए नहीं जाना पड़ेगा।
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एम्स का इस साल होगा शिलान्यास
जिले में एम्स के 1299 करोड़ रुपये की स्वीकृति होने के बाद भी निर्माण अटका हुआ है, लेकिन जमीन को लेकर सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी है। कभी इसका शिलान्यास किया जा सकता है। शिलान्यास होते ही इसका निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। एम्स का निर्माण कार्य पूरा होते ही रेवाड़ी जिला सहित आसपास के जिलेवासियों को उपचार के लिए दिल्ली या जयपुर नहीं जाना पड़ेगा। इसके साथ ही यहां लोगों के लिए रोजगार के भी अवसर खुलेंगे।
फ्रेट कॉरिडोर से न्यू रेवाड़ी का उदय
पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) के मदार (राजस्थान) से किशनगढ़ बालावास (रेवाड़ी) के बीच 306 किलोमीटर लंबे रेल खंड का काम पूरा होने के बाद इसका ट्रायल रन का काम भी लगभग पूरा हो चुका है। इस सेक्शन पर माल ढुलाई का कार्य भी शुरू हो चुका है। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पीएम नरेंद्र मोदी ने अटेली से इसका शुभारंभ किया था। इस तरह की तकनीक का प्रयोग भारत में पहली बार हुआ है। इससे पहले केवल अमेरिका, कनाडा, ब्राॅजील, ऑस्ट्रेलिया, चीन, रूस, दक्षिण अफ्रीका व नॉर्वे में इतनी क्षमता के साथ माल ढुलाई होती है। इतना ही नहीं फ्लैट वैगनों पर डबल स्टैक कंटेनर का संचालन भी विद्युत इंजनों से होगा। किशनगढ़ सहित 6 क्रॉसिंग स्टेशन, 9 नए फ्रेट स्टेशन और तीन जंक्शन स्टेशन रेवाड़ी, अटेली व फुलेरा में बनाए गए हैं। देश में पहली बार मालगाड़ी को पहले की तुलना में 44 किलोमीटर प्रति घंटा ज्यादा स्पीड से बिजली से चलाया जाएगा। इससे जहां पर कच्चा तेल खरीदने में दूसरे देशों से निर्भरता कम होगी वहीं पर्यावरण को भी इसका लाभ मिलेगा।
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200 बेड का अस्पताल बनेगा
मई 2019 में जिला अस्पताल को 100 से बढ़ाकर 200 बेड करने की घोषणा हुई थी। सरकार की ओर से डॉक्टर से लेकर 30 स्टाफ नर्स की पोस्ट बढ़ाने की स्वीकृति दी गई। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि जैसे ही अस्पताल में बेड, डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ की संख्या बढ़ेगी। इससे स्वास्थ्य सुविधाओं में भी सुधार आएगा। भवन निर्माण के लिए भी गोकलगढ़ ग्राम पंचायत ने जमीन देने की पेशकश की है। इसके अलावा अन्य गांवों में जमीन निरीक्षण का कार्य चल रहा है। अमर उजाला की ओर से लगातार इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था।
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इस वर्ष तीन राजकीय कॉलेजों को मिलेगा भवन
प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद वर्ष 2015 में सीएम ने शहर में राजकीय बाल महाविद्यालय निर्माण की घोषणा की थी। 2018 में करीब 10 करोड़ रुपये निर्माण पर खर्च आने की बात कही गई थी। शहर के लिसाना में महाविद्यालय का निर्माण प्रस्तावित है। बावल में कन्या महाविद्यालय व जाटूसना कॉलेज का निर्माण प्रस्तावित है, लेकिन तीनों कॉलेज में 3 साल से कक्षाएं लग रही हैं। बावल कन्या कालेज का निर्माण प्रगति पर है। कक्षाएं स्कूलों में चल रही है, लेकिन निर्माण कार्य पूरा होने के बाद शैक्षणिक क्षेत्र में जिला कहीं आगे रहने की उम्मीद की जा सकती है।
800 करोड़ की लागत से बनने वाले आउटर बाईपास का निर्माण शुरू
एनएच- 71 बांबड़ व दिल्ली-जयपुर हाईवे संख्या 48 को जोड़ने वाले शहर के 800 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले करीब 14 किलोमीटर लंबे बाईपास का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। इस बाईपास का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद शहर के विकास को नए पंख लगेंगे। शहर को जाम से मुक्ति मिलने के साथ एनएच 11 के इस हिस्से पर बाईपास के दोनों ओर नए शहर का विकास हो सकेगा। इसके अलावा रेवाड़ी, पटौदी व गुरुग्राम दो लेन सड़क मार्ग को भी फोरलेन कर नेशनल हाईवे निर्माण करने के लिए प्रक्रिया चल रही है। यहां पर भी जल्द ही काम शुरू होने की उम्मीद की जा सकती है। ऐसे में जिले में 4 नेशनल हाईवे का जाल बिछाने से विकास को पंख लगने की उम्मीद की जा सकती है।