राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से निर्माणाधीन करीब 40 किमी. लंबे रेवाड़ी-अटेली नेशनल हाईवे संख्या-11 का करीब 45 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है, लेकिन अभी तक शहर के 14 किमी. लंबे आउटर बाइपास का निर्माण कार्य तक शुरू भी नहीं किया जा सका है। जबकि बाईपास का शिलान्यास हुए भी चार माह से ज्यादा का समय बीत चुका है। शहर में बढ़ते दबाव को देखते हुए केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत के प्रयासों के चलते केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बाईपास का शिलान्यास किया था।
दूसरी ओर निर्माणाधीन हाईवे पर भी हरिनगर, खोरी व पाली फाटक के पास सड़क बदहाल होने से हादसे होने की आशंका बनी हुई है। रात के समय उड़ती धूल के कारण गड्ढे दिखाई तक नहीं देते हैं, इसके चलते इस रोड पर पड़ने वाले गांवों की पंचायतों की ओर से समाधान के लिए शिकायत की गई थी, लेकिन हालात में कोई परिवर्तन नहीं आये हैं। जबकि इस रोड से एक दिन में पांच हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं, क्योंकि हरियाणा के साथ राजस्थान के झुंझुनू, सीकर, चुरू व बीकानेर को जोड़ने वाला सबसे छोटा मार्ग है। वहीं रात के समय एक हजार से अधिक डंपर राजस्थान से पत्थर भरकर दिल्ली की ओर जाते हैं, इससे हालात और बद्तर हो जाते हैं।
13 जनवरी 2022 है निर्माण कार्य पूरा होने की तारीख
एनएच-11 का निर्माण कार्य रेवाड़ी से लेकर सीकर तक चल रहा है। सामरिक व पर्यटन की दृष्टि से इसका विशेष महत्व है। एनएचएआई की ओर से रेवाड़ी से अटेली तक निर्माण कार्य पूरा करने की तारीख 13 जनवरी 2022 निर्धारित की गई है। ऐसे में लोगों को एक साल तक और परेशानी झेलनी पड़ सकती है। लेकिन सवाल है कि निर्माण कार्य के दौरान बनाए गए वैकल्पिक रास्तों के हालात भी अच्छे नहीं हैं। हालांकि अथॉरिटी की ओर से इसका निर्माण कार्य 6-8 महीने पहले पूरा करने का दावा भी किया जा रहा है।
रेवाड़ी-पटौदी एनएच का टेंडर हुआ रद्द
रेवाड़ी-पटौदी-गयुरुग्राम के बीच बनने वाले नेशनल हाईवे का काम भी लंबे समय से अटका हुआ है। भाजपा सरकार के पहले कार्यकाल में पूर्व में रहे पीडब्ल्यूडी मंत्री राव नरबीर सिंह ने इसके निर्माण की घोषणा की थी। एनएचएआई की ओर से इसका टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी, लेकिन तकनीकी कारणों से उसको रद्द कर दिया गया है। अब एक बार फिर से टेंडर देने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही जा रही है। अधिकारियों की माने तो दिसंबर तक इसका निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
शहर के डबल फाटक पर भी चल रहा है धीमा कार्य
शहर के 20 हजार से अधिक की आबादी को राहत देने के लिए लंबे संघर्ष के बाद डबल फाटक पर अंडरपास निर्माण कार्य शुरू किया गया था। रेलवे की ओर से अपने हिस्से का काम पूरा किया जा चुका है, लेकिन पीडब्ल्यूडी की ओर अंडरपास के दोनों तरफ रास्ता बनाने का कार्य अभी भी अटका हुआ है। पहले लॉकडाउन व इसके बाद श्रमिक नहीं मिलने की समस्या से प्रोजेक्ट आगे ही नहीं बढ़ पा रहा है। जबकि दिसंबर तक पूरा कार्य किया जाना था। पीडब्ल्यूडी की ओर से अभी तक 50 फीसदी कार्य भी पूरा नहीं हुआ है।
लॉकडाउन के चलते कुछ देरी हुई है, अब पाइप डालने के चलते काम रुक गया था। दोबारा से काम में तेजी लाई जा रही है। विभाग की ओर से जल्द से जल्द काम पूरा करने के प्रयास चल रहे हैं।
- आदित्य देशवाल, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी
रेवाड़ी-अटेली एनएच-11 का का कार्य तय समय से पहले पूरा कर दिया जाएगा। सड़क बदहाल जरूर है, लेकिन हरिनगर सहित अन्य स्थानों पर पीडब्ल्यूडी ब्रिज बनाने वाले विंग की ओर से फ्लाईओवर का काम चल रहा है। सड़क ठीक करने का जिम्मा भी उन्हीं का है। कई बार पत्र लिखा चुके हैं। शहर के आउटर बाइपास का काम भी नवंबर के अंतिम सप्ताह तक शुरू कर दिया जाएगा। रेवाड़ी-पटौदी-गुरुग्राम नेशनल हाईवे के लिए दोबारा बिड़ लगाई गई है। उम्मीद है कि नवंबर के अंत तक काम शुरू करने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
- पीके कौशिक, डायरेक्टर, एनएचआई