धारूहेड़ा में जला कूड़ा। स्रोत : स्थानीय नागरिक
रेवाड़ी। बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल समय-समय पर सख्त आदेश जारी करता रहा है। इसके बावजूद जमीनी हकीकत कई जगह इन आदेशों की खुली अवहेलना की तस्वीर पेश कर रही है। ऐसा ही मामला औद्योगिक कस्बा धारूहेड़ा से सामने आया है जहां रोजाना कचरा जलाने की घटनाएं आम होती जा रही हैं।
धारूहेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में संचालित विभिन्न कंपनियों की ओर से उत्पन्न कचरे को खुले में इधर-उधर डाल दिया जाता है और बाद में उसे आग के हवाले कर दिया जाता है। वीरवार को भी कूड़े के ढेर में आग लगाए जाने की घटना सामने आई जिससे पूरे इलाके में धुएं का गुबार छा गया। स्थानीय लोगों के अनुसार यह कोई नई बात नहीं है, बल्कि यह सिलसिला रोजाना जारी है।
गांव खरखड़ा निवासी सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश यादव ने इस गंभीर मुद्दे को उठाते हुए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण विभाग सहित संबंधित विभागों को पत्र लिखकर शिकायत दर्ज करवाई है। उन्होंने अपने पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि धारूहेड़ा में कचरा जलाने की यह प्रवृत्ति न केवल पर्यावरण के लिए घातक है, बल्कि यह सीधे-सीधे एनजीटी के आदेशों का उल्लंघन भी है।
प्रकाश यादव ने मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने यह भी आग्रह किया है कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर पूर्ण रोक लगाने के लिए स्थायी एवं प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।