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Rewari News: नई स्टार्टअप नीति से चमकेंगे औद्योगिक क्षेत्र, निवेश बढ़ेगा

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रेवाड़ी। केंद्र सरकार ने देश को ग्लोबल इनोवेशन पावरहाउस बनाने के लिए स्टार्टअप नीति में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब स्टार्टअप की परिभाषा और पात्रता का दायरा बढ़ा दिया गया है।
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नए नियमों के अनुसार, स्टार्टअप मान्यता के लिए सालाना टर्नओवर की सीमा पहले 100 करोड़ रुपये थी जिसे बढ़ाकर 200 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसका उद्देश्य उच्च-प्रौद्योगिकी और अनुसंधान आधारित क्षेत्रों में पूंजी प्रवाह को बढ़ाना है।
इससे न केवल नई कंपनियों को बल्कि धारूहेड़ा, बावल, भिवाड़ी जैसे उभरते औद्योगिक क्षेत्रों को भी सीधा लाभ मिलेगा जो ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और मैन्युफैक्चरिंग में तेजी से विकसित हो रहे हैं।
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सबसे महत्वपूर्ण बदलाव डीप टेक स्टार्टअप के लिए नई उप-श्रेणी की शुरूआत है। ये स्टार्टअप अत्याधुनिक तकनीक और जटिल इंजीनियरिंग पर काम करते हैं और इनके लिए लंबी विकास अवधि और भारी निवेश की आवश्यकता होती है।
इसलिए इनके लिए पंजीकरण की अवधि पहले 10 वर्ष थी जिसे बढ़ाकर 20 वर्ष कर दिया गया है। डीप टेक स्टार्टअप के लिए टर्नओवर की सीमा 300 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। इससे लंबी रिसर्च और नवाचार में लगी कंपनियों को राहत मिलेगी और वे स्टार्टअप लाभ प्राप्त कर सकेंगी।



धारूहेड़ा, भिवाड़ी और नीमराना क्षेत्र में अधिक संभावनाएं

धारूहेड़ा, भिवाड़ी, बावल और नीमराना क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के लिए डीप टेक स्टार्टअप की काफी संभावनाएं हैं। 300 करोड़ रुपये की टर्नओवर सीमा से यहां की बड़ी आर एंड डी इकाइयां भी स्टार्टअप लाभ लेने के योग्य बनेंगी। इसके अलावा, भिवाड़ी की कई एमएसएमई इकाइयां, जो पहले 100 करोड़ की सीमा के कारण स्टार्टअप लाभ से बाहर थीं, अब 200 करोड़ की नई सीमा के तहत लाभ ले सकेंगी।


ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि क्षेत्र में नवाचार को मिलेगा बढ़ावा
कारोबारी सुनील ने बताया कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए अब सहकारी समितियों को भी स्टार्टअप पात्रता में शामिल किया गया है। बहु-राज्य सहकारी समिति अधिनियम 2002 और राज्य स्तर के सहकारी अधिनियमों के तहत पंजीकृत समितियां अब स्टार्टअप मान्यता प्राप्त कर सकेंगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में समुदाय आधारित उद्यमों को टैक्स छूट, सरकारी फंड और अन्य लाभ मिलेंगे।


औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश बढ़ने की संभावना

कारोबारी विरेंद्र कुमार नई नीति से भिवाड़ी के औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश बढ़ने की संभावना है जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। एग्री-टेक, इलेक्ट्रॉनिक्स, डिफेंस और अन्य उच्च-प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। कुल मिलाकर, यह कदम देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने और भारत को वैश्विक नवाचार केंद्र बनाने में सहायक होगा।
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