रेवाड़ी। क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) से पासिंग मिलने से डिपो में खड़ी नई बसों को अब हरी झंडी मिल गई है। कुछ को चंडीगढ़ तो कुछ दूसरे रूटों पर भी भेजी गई हैं।
अभी समय सारणी में बदलाव किया जाएगा जिसमें इन बसों को लंबे रूटों पर और लंबे रूटों पर चल रही पुरानी बसों को जल्द छोटे रूटों पर चलाया जाएगा ताकि ये लंबे रूटों के हिसाब से यात्रियों के लिए फायदेमंद रहेंगी और छोटे रूटों पर भी चक्कर मिस नहीं होंगे।
आरटीए की मंजूरी मिलते ही परिवहन विभाग ने इन नई बसों को तत्काल प्रभाव से चंडीगढ़ सहित कई महत्वपूर्ण और लंबे रूटों पर चलाना शुरू कर दिया है जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिली है।
दरअसल नई बसों के बेड़े में शामिल होने से विशेष रूप से उन रूटों पर यात्रियों की समस्या दूर होगी जहां बसों की कमी के चलते समय-सारणी अक्सर गड़बड़ा जाती थी। अब ये बसें चंडीगढ़ के अलावा महेंद्रगढ़, नारनौल, झज्जर और विभिन्न लोकल रूटों पर समय पर दौड़ेंगी।
रोडवेज के मुताबिक फिलहाल इन बसों को यात्रियों की वर्तमान आवश्यकता के अनुसार विभिन्न रूटों पर भेजा जा रहा है। हालांकि, अगले सप्ताह तक डिपो इन सभी नई बसों के लिए एक स्थाई समय-सारणी तैयार करेगा।
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आवाजाही के लिए मिलेगा निश्चित विकल्प:
स्थाई समय-सारणी लागू होने के बाद यात्रियों को इन रूटों पर आवाजाही के लिए एक निश्चित विकल्प मिल जाएगा। इन बसों के शुरू होने से न केवल यात्री सुविधाओं में सुधार होगा, बल्कि रोडवेज की आय में भी वृद्धि होने की उम्मीद है। रेवाड़ी डिपो को पहले ही 10 नई बसों की सौगात मिली थी, जिनकी पासिंग प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
बसों को रोडवेज की तरफ से लंबी दूरी के रूटों पर चलाया जाएगा, क्योंकि, नई बसें हैं इसलिए खराब होने संबंधित समस्याएं भी न के बराबर आएगी और लंबे रूटों पर लगी
पुरानी बसों को बदलकर यहां छोटे रूटों पर लगा दिया जाएगा, ताकि वे आसानी से छोटे रूटों पर आवागमन करती रहें।
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जरूरत के हिसाब से रूट चालू किए जाएंगे:
रोडवेज के मुताबिक इन बसों के आने से रोडवेज ने 152 डी भी अब संचालित कर दिया है और 1-2 दिन के अंदर जरूरत के हिसाब से रूट चालू किए जाएंगे। इसके अलावा, लोकल रूटों पर पहले जो टाइम मिस हो रहे थे, वहां इनको प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि अब वहां टाइम मिस न रहें। हालांकि, अभी और बसें आनी हैं, इसलिए उनका इंतजार है।
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बसों को पासिंग मिल चुकी है और रूट पर भी जरूरत के हिसाब से चलाया जा रहा है। कुछ को चंडीगढ़ तो कुछ दूसरे रूटों पर भी भेजा गया है। जल्द ही अन्य सुधार किए जाएंगे।
निरंजन शर्मा, जीएम रोडवेज रेवाड़ी।