फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लापरवाही : आधी-अधूरी तैयारियों के साथ शुरू की कोविड जेल, आसानी से फरार हुए कुख्यात

विज्ञापन
विज्ञापन
करीब दो साल से जिले के फिदेड़ी गांव में निर्माणाधीन जेल को आधी-अधूरी तैयारियों के साथ कुछ दिन पूर्व कोविड जेल बनाया गया है। यहां से एक बैरक की ग्रिल काटकर 13 कैदियों के भागने से प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। हालांकि फरार कैदियों की धरपकड़ के लिए पुलिस का पूरा अमला लगा हुआ है, लेकिन बड़ा सवाल है कि ऐसी क्या जल्दबाजी थी कि बिना पूरी तैयारियों के प्रदेशभर के कुख्यात अपराधियों को यहां शिफ्ट कर दिया गया।
विज्ञापन

इससे भी बड़ी लापरवाही यह सामने आई कि शनिवार रात को जेल से 13 बंदी फरार होने की भनक जेल प्रशासन को रविवार सुबह बंदियों की गिनती के समय लगी। ऐसे में सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि कुख्यात कैदियों के मामले में भी पुलिस महकमा कितना लापरवाह है। बता दें कि कैदियों के फरार होने के बाद एसपी अभिषेक जोरवाल दलबल के साथ वहां पहुंचे और तत्काल फरार कैदियों का सुराग लगाने के लिए पुलिस महकमे को अलर्ट कर दिया। जानकारों की मानें तो ये कैदी दिल्ली-एनसीआर में ही कहीं छिपे हो सकते हैं।
ये 13 बंदी हुए हैं फिदेड़ी जेल से फरार
नाम, पता, वारदात, थाना
1. राजेश उर्फ कालिया, नांगल काठा महेंद्रगढ़, हत्या, सदर थाना नारनौल
2. नवीन शर्मा उर्फ गोलू, झोटवाड़ा जयपुर, हत्या व अपहरण, माडल टाउन रेवाड़ी
3. काला उर्फ धर्मपाल, गुर्जरवाड़ा रेवाड़ी, झपटमारी, शहर थाना रेवाड़ी
4. रिंकू उर्फ कालिया, खड्ढा बस्ती रेवाड़ी, मारपीट व हत्या का प्रयास, रामुपरा थाना
5. ओमप्रकाश उर्फ टोनी, बिर्रोढ अलवर, हत्या, बावल थाना
6. शक्ति, सतनाली महेंद्रगढ़, हत्या, सतनाली थाना
7. आशीष काठूवास, अलवर, हत्या व धोखाधड़ी, सतनाली थाना
8. जितेंद्र उर्फ सोनू, आलमपुर भिवानी, चोरी, अटेली थाना
9. अभिषेक फर्सखाना, नारनौल, लूट, सदर थाना नारनौल
10. बलवान, दुलोठ अहीर महेंद्रगढ़, मारपीट व फायरिंग, शहर थाना महेंद्रगढ़
11. अनुज काकोडा, झुंझुनू राजस्थान, अपहरण व दुष्कर्म, सदर नारनौल
12. अजीत उर्फ नेता, संस्कारगढ़ इलाहाबाद, हत्या व लूट सतनाली
13. दीपक शेखपुरा, हत्या, सिटी थाना नारनौल
दो दिन पहले ही 450 बंदी रखे गए थे
गांव फिदेड़ी में नई जिला जेल बन रही है। जेल का 80 प्रतिशत से ज्यादा काम हो चुका है। प्रदेश की जेलों में एक बाद एक कोरोना के केस सामने आने के बाद इस जेल को प्रदेश की पहली कोविड स्पेशल जेल बनाया गया था। एक सप्ताह पूर्व ही इस जेल में विभिन्न जेलों से कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद कैदियों को शिफ्ट किया जा रहा था। फिलहाल इस जेल में 450 बंदी रखे गए थे।
विज्ञापन

3 जून को किया था डीसी ने निरीक्षण
गांव फिदेड़ी में बनने वाली जिले को जल्द तैयार करने के मकसद से ही पिछले साल 3 जून को डीसी यशेंद्र सिंह ने इसका निरीक्षण भी किया था। उस समय लोक निर्माण विभाग ने जानकारी दी थी कि इस जेल का निर्माण कार्य 31 मार्च 2021 तक पूरा कर लिया जाएगा। लेकिन अभी तक इसका निर्माण कार्य पूरी नहीं हो सका है। अधूरे पड़े निर्माण कार्य के बीच ही इसे कोविड स्पेशल जेल के रूप में तब्दील कर दिया गया है।
प्रदेश के कई जिलों में पॉजिटिव मिले हैं कैदी
कोरोना की दूसरी लहर में प्रदेशभर में तेजी से संक्रमण फैल रहा है। कोरोना संक्रमण आम लोगों के साथ-साथ अब जेलों तक पहुंच चुका है। प्रदेश की कई जेल में बंद कैदी कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। दो दिन पूर्व ही नसीबपुर की जेल में 150 बंदी कोरोना पॉजिटिव मिले थे। जेलों में पॉजिटिव पाये जाने वाले बंदियों को अलग से रखने की जगह नहीं होने के कारण रेवाड़ी की निर्माणाधीन फिदेड़ी जेल को कोविड स्पेशल जेल बनाया गया था। इसमें प्रदेशभर में पॉजिटिव पाए जाने वाले बंदियों को यहां रखा जा रहा है।
करीब साढ़े 450 बंदी फिलहाल पहुंच चुके जेल
प्रदेश की कई बड़ी जेल से कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद बंदी रेवाड़ी ट्रांसफर हो चुके हैं। फिदेड़ी की जेल में वर्तमान में 450 बंदी शिफ्ट हुए हैं, जो हाल में अन्य जिलों में पॉजिटिव पाए गए थे।
सुरक्षा पर उठे सवाल
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि जिला कारागार भवन बिल्डिंग प्लान के अनुसार दो लाख पांच हजार 994 वर्ग फीट जमीन में बनेगा। प्रोजेक्ट पर कुल 9514 लाख रुपये खर्च होने हैं। जेल का 80 प्रतिशत से ज्यादा काम पूरा हो चुका है। थोड़ा बहुत काम कोविड की वजह से ही रुका हुआ था। कोविड पॉजिटिव बंदियों के फरार होने की घटना ने नई आधुनिक जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां पर तैनात स्टाफ को रात को बंदियों के फरार होने की भनक तक नहीं लग पाई। रविवार की सुबह जेल स्टाफ द्वारा बंदियों की गिनती करने पर उनके फरार होने का पता लगा। सदर थाने में कैदियों के फरार होने का मुकदमा दर्ज किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें