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लापरवाही प्रशासन की मेहनत कर सकती है खराब

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कोरोना संदिग्धों को लेने आई एंबुलेंस। - फोटो : Rewari
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कोसली क्षेत्र के एक गांव निवासी दिल्ली पुलिस में बतौर कांस्टेबल तैनात महिला 10 और 17 अप्रैल को दो बार दिल्ली से रेवाड़ी में अपने घर पर रहकर दिल्ली चली गई। जबकि उसकी चौकी में ही तैनात सहकर्मी कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। पुलिसकर्मी ने इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग तक को नहीं दी। सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने आनन-फानन में 20 अप्रैल को उसके परिवार के 9 सदस्यों को आइसोलेशन में भर्ती कराया और उनके सैंपल जांच के लिए भेजे। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जाटूसाना के एमओ ने लापरवाही मानते हुए महिला पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई के लिए जाटूसाना थाना पुलिस को लिखा है। जिले में दिल्ली पुलिसवालों की आवाजाही का यह पहला केस नहीं है। इससे पहले भी दो सिपाही इस तरह से लगातार जिले से ड्यूटी कर रहे थे। जबकि उनके सहकर्मी पॉजिटिव पाए गए थे। शुक्र है कि दो बार की गई जांच में वे निगेटिव पाए गए थे।
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यहां सवाल एक या दो पुलिसकर्मियों का नहीं है। जिले से सैकड़ों की संख्या में दिल्ली पुलिस में तैनात पुलिसकर्मी यहां से दिल्ली आवाजाही कर रहे हैं। ऐसे में इस तरह की लापरवाही जिला प्रशासन की पूरी मेहनत पर पानी फेर सकती है। ऐसे में यहां पर सवाल ये है कि महिला पुलिसकर्मी सहित गांव में कार्यरत अन्य पुलिसकर्मियों की आवाजाही के बारे में गांव के सरपंच ने थाने में सूचना दी थी तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
आंगनबाड़ी व आशा वर्कर ने जुटाया था डाटा, उस पर क्यों नहीं हुआ काम
जिले की 10 लाख आबादी के आंकड़े जुटाने के लिए प्रशासन की ओर करीब दो हजार आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को घर-घर डाटा जुटाने के निर्देश दिए गए थे। इस दौरान बाहर से आने जाने वाले लोग, खांसी -जुकाम व बुखार के लक्षणों का भी डाटा जुटाया जाना था। आंकड़ों के आधार पर करीब 1200 लोगों को क्वारंटीन भी किया गया। सवाल ये है कि सर्वे के दौरान भी किस गांव में कितने पुलिसकर्मी कार्यरत हैं, इसका आंकड़ा भी सामने आया होगा। लेकिन 15 दिन से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी कोई कदम क्यों नहीं उठाया गया। क्या कुछ लोगों की लापरवाही से जिले लोगों को खतरे में डालने का जोखिम उठाया जा रहा है। इसका जवाब मिलना जरूरी है। गांव में कई पुलिसकर्मी दिल्ली में करते हैं नौकरी, दी थी सूचना : सरपंच
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गांव के सरपंच ने बताया कि गांव के कई लोग दिल्ली पुलिस में नौकरी करते हैं। सर्वे के दौरान आशा वर्कर व पुलिस थाने में भी इसकी जानकारी दी जा चुकी है। पुलिसकर्मियों की आवाजाही रोकने का काम पुलिस का है। ऐसे मेें उनकी ओर से ही कार्रवाई की जानी चाहिए। दिल्ली पुलिस के कर्मचारियों की आवाजाही पर रोक के लिए आदेश हुए थे जारी
खोल क्षेत्र के एक गांव में कोरोना पॉजिटिव के संपर्क में आए दिल्ली पुलिस जवान का मामला संज्ञान में आने के बाद प्रशासन की ओर इस तरह की आवाजाही पर रोक लगाने के लिए आदेश जारी किए गए थे। बावजूद इसके दिल्ली पुलिसकर्मियों की आवाजाही किस तरह से चलती रही। डीसी यशेंद्र सिंह ने कहा कि सीमाओं पर सख्ती बढ़ाने के लिए 22 ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। इस तरह की लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लॉकडाउन का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जाएंगे।
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