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राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस : प्रदूषण नियंत्रण के उपाय अब भी नाकाफी

Tue, 02 Dec 2025 12:26 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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खुले में जल रहा कूड़ा
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रेवाड़ी। हर वर्ष दो दिसंबर को राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य देश में बढ़ते प्रदूषण के प्रति जागरूकता फैलाना और इससे होने वाले दुष्प्रभावों को कम करना है। लेकिन चिंताजनक तथ्य यह है कि तमाम प्रयासों और योजनाओं के बावजूद प्रदूषण नियंत्रण के प्रभावी उपाय अभी भी जमीन पर नजर नहीं आते।
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यही कारण है कि सर्दी के मौसम में वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 के पार पहुंच जाता है, जो गंभीर श्रेणी में आता है। प्रदूषण बढ़ने के कारणों में औद्योगिक धुआं, निर्माण कार्यों से उठने वाली धूल और वाहनों का अत्यधिक उत्सर्जन शामिल हैं। स्थिति यह है कि हर साल लोगों को सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन, खांसी और एलर्जी जैसे रोगों का सामना करना पड़ता है।
पर्यावरण विशेषज्ञ राकेश सैनी व सुरेंद्र कुमार का मानना है कि जब तक सरकार, उद्योग, प्रशासन और आम नागरिक मिलकर कठोर कदम नहीं उठाएंगे, तब तक प्रदूषण को नियंत्रित करना मुश्किल होगा। पब्लिक ट्रांसपोर्ट बढ़ाना, हरित क्षेत्र विकसित करना, कचरा प्रबंधन में सुधार और धूल-धुआं रोकने के लिए सख्त नियम लागू करना समय की जरूरत है।
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राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस हमें याद दिलाता है कि स्वच्छ हवा कोई विकल्प नहीं, बल्कि हर नागरिक का मौलिक अधिकार है। अब समय है कि जागरूकता को कार्रवाई में बदला जाए।
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