यूरोप महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी एल्ब्रस को फतह करते नरेंद्र सिंह। स्रोत: स्वयं
कोसली (रेवाड़ी)। उपमंडल के गांव नेहरुगढ़ के युवा पर्वतारोही नरेन्द्र यादव ने 25 सितंबर को सुबह 10:45 पर यूरोप महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी एल्ब्रस को दूसरी बार फतह कर लिया है। उन्होंने यह अभियान 23 सितंबर को शुरू किया था, मात्र 3 दिन में ही फतह किया है। इस दौरान उन्होंने चोटी पर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। उन्होंने इससे पहले 2017 में गर्मी के मौसम में चोटी को फतह किया था। अभियान का आयोजन एक्सप्लोरविदंसी की ओर से किया गया था। अभियान में पूरे विश्व से 12 पर्वतारोही शामिल थे।
सातों महाद्वीप की ऊंची चोटियों को फतह करने का सपना
आर्मी जवान कृष्णचंद के पुत्र नरेन्द्र यादव का सपना दुनिया के सभी सात महाद्वीपों को फतह कर विश्व रिकाॅर्ड का छाप छोड़ने का है। नरेन्द्र ने पांच महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों को फतह कर अनेकों विश्व रिकार्ड बनाए हैं। 2012 में पर्वतारोहण के बेसिक, 2013 में एडवांस, 2015 में एमओआई, 2022 में सर्च एंड रेस्क्यू के साथ सभी कोर्स पास किए हैं। इसमें माउंट एवरेस्ट को 2016 व 2022 में 6 दिन में बिना अनुकूलन के फतह किया, किलिमंजारो को दो बार, एलब्रुस को ट्रैवल्स में, कोजास्को व ऑस्ट्रेलिया की 10 सबसे ऊंची चोटियों को दो बार फतह किया है। इसके साथ दक्षिण अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी एकंकागुआ को फतह किया है। अपनी स्कूली पढ़ाई के दौरान 12 साल की उम्र में ही नरेन्द्र ने जम्मू-कश्मीर की पहाड़ियों पर चढ़कर अपने पर्वतारोहण की प्रारंभिक शुरूआत कर दी थी। वर्ष 2008 से इन्होंने नियमित तौर से पर्वतारोहण का अभ्यास शुरू कर दिया था। उसके बाद महज 19 वर्ष की आयु में 6512 मीटर ऊंची भागीरथी-टू व 5612 मीटर ऊंची डीकेडी-टू के साथ कालिंदी पास व वासुकी ताल पास, लेह, गढ़वाल चोटी को फतह करके सबसे कम उम्र के पर्वतारोही बने थे। । इसके साथ विश्व की सभी वर्ल्ड रिकॉर्ड संस्थाओं ने इनको वर्ल्ड किंग का सम्मान दिया है। नरेन्द्र यादव ने बताया कि उनका अगला लक्ष्य अंटार्कटिका की सबसे ऊंची चोटी विंसन है।