रामलीला को हो रहा मंचन। स्रोत : संस्था
रेवाड़ी। रेलवे कॉलोनी स्थित श्रीराम मंदिर रेलवे एथलेटिक क्लब की रामलीला का शुभारंभ किया। पंडित मोहनलाल शर्मा के मंत्रोच्चारण के साथ रामलीला की शुरुआत करई। इसका उद्घाटन मास्टर लक्ष्य कौशिक ने किया। रामलीला के पहले दिन नारद मुनि के अभिमान का मंचन हुआ।
भगवान विष्णु ने नारद का अभिमान दूर करने के लिए उन्हें वानर रूप दिया। क्रोधित नारद ने भगवान विष्णु को पत्नी वियोग और वन-वन भटकने का शाप दिया। यह प्रसंग भगवान राम के अवतार से जुड़ा है।
दूसरे प्रसंग में रावण के कैलाश पर्वत से गुजरने का दृश्य दिखाया गया। रावण ने कैलाश उठाने का प्रयास किया लेकिन सफल नहीं हुआ। उसने भगवान शिव से क्षमा मांगी, जिन्होंने उसे चंद्रहास तलवार दी।
अगले प्रसंग में मेघनाद ने ऋषियों से कर वसूलने का प्रयास किया। अन्न न होने पर मेघनाद ने ऋषियों को रक्त से घड़ा भरने का आदेश दिया। इस पर ऋषियों ने श्राप दिया कि यही रक्त रावण के विनाश का कारण बनेगा। नारद की भूमिका महेश कौशिक, भगवान विष्णु की दिवेश शर्मा और रावण की मुकेश भारद्वाज ने निभाई। भगवान शिव की भूमिका जगदीश शर्मा और मेघनाद की बृजेश शर्मा ने अदा की।