रेवाड़ी। बीएमजी एलिगेंट सिटी निवासी 49 वर्षीय डॉ. नम्रता सचदेवा शिक्षा के माध्यम से बेटियों का भविष्य संवारने का कार्य कर रही हैं। वह पिछले 27 वर्षों से शिक्षण कार्य से जुड़ी हैं।
नम्रता सचदेवा ने बताया कि कई बार आर्थिक तंगी के कारण अभिभावक अपनी बेटियों की पढ़ाई बीच में ही छुड़वा देते हैं। ऐसे में उन्होंने लगातार प्रयास करते हुए कई छात्राओं को दोबारा शिक्षा से जोड़ा है।
उनके मार्गदर्शन में हरियाणा में समाजशास्त्र विषय में तीन छात्राओं ने 100 में से 100 अंक हासिल कर सफलता प्राप्त की है।
वह केवल पढ़ाने तक सीमित नहीं रहीं बल्कि काउंसलिंग के जरिए ड्रॉपआउट लड़कियों को भी मुख्यधारा में लाने का काम किया है।
वर्तमान में भी वह 15 से अधिक छात्राओं को शिक्षा से जोड़ चुकी हैं जिससे उनका भविष्य संवर रहा है। वह बतातीं हैं कि इस पहल से सुकून मिलता है।