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ठोस कचरा निस्तारण और उठान के दौरान ही गीला-सूखा अलग करने में नप पांच साल से फिसड्डी

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रेवाड़ी। कचरा डालते शहरवासी। - फोटो : Rewari
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रेवाड़ी। वर्ष 2016 से लेकर 2021 में एक जनवरी से शुरू होकर 31 मार्च तक चलने वाला छठा राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण (एसएस-2021) शुरू हो चुका है, लेकिन बीते पांच साल के दौरान ठोस कचरा निस्तारण व सूखा-गीला कचरा अलग-अलग करने को लेकर फीसड्डी रहने के बाद भी कोई सबक नहीं लिया गया। अब भी हालात पांच साल पहले जैसे ही हैं। रामसिंहपुरा में 14.2 एकड़ में बनने वाले ठोस कचरा निस्तारण संयंत्र की फाइल चंडीगढ़ से बाहर नहीं आ पा रही है। वहीं एक साल पहले शुरू किए गए डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन तो ठीक हो रहा है, लेकिन यहां पर भी सूखा व गीला कचरा एक साथ ही डाला जा रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण जिम्मेदारों की अनदेखी है। शहर के 31 वार्ड में 30 हजार से अधिक घरों से निकलने वाले कचरे को वहीं पर अलग-अलग करने को जागरूक करने के लिए 140 सक्षम युवाओं को भी नियुक्त किया गया, लेकिन इसका भी कोई लाभ होता नहीं दिख रहा है। कचरा लेने आ रही गाड़ी का चालक लोगों को अलग-अलग डालने के लिए कहना तो दूूर गाड़ी की खिड़की तक नहीं खोलते हैं। ऐसे में किस तरह से समाधान की उम्मीद की जा सकती है। सेवा स्तर यानि ठोस कचरा निस्तारण व गीला-सूखा कचरा अलग-अलग करने की व्यवस्था को लेकर इस बार 2020 में 1500 अंक के मुकाबले 2400 अंक निर्धारित किए गए हैं। 2020 में इस श्रेणी में 1500 अंको में से महज 320.20 अंक ही मिल सके थे।
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-2020 में देश में मिला था 118वां स्थान
स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 में नगर परिषद को देशभर में 118वां स्थान मिला था। एक लाख से अधिक अधिक आबादी वाले 382 शहरों के सर्वेक्षण में रेवाड़ी भी शामिल था। रेवाड़ी नप को 2019 में 264, वर्ष 2018 में 254 व वर्ष 2017 में 303 रैंक मिली थी। वर्ष 2020 में 6000 में से कुल 3113 अंक ही मिल पाए थे।
-इस बार नागरिक प्रतिक्रिया व प्रत्यक्ष अवलोकन के लिए 1800 अंक
इस बार भी सर्वेक्षण के लिए 6000 अंक निर्धारित किए गए हैं। इसमें नागरिक प्रतिक्रिया, स्वच्छता एप, स्वच्छता के लिए किए गए अनुप्रयोग व क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया की टीम द्वारा अप्रैल-मई में आकर प्रत्यक्ष अवलोकन को जोड़कर 1800 अंक निर्धारित किए गए हैं। एक जनवरी से नागरिक प्रतिक्रिया के तहत 4500 लोग अपना मत दे चुके हैं। 2020 में इस श्रेणी में 1500 में से 1069.35 अंक मिले थे।
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-सेवा स्तर पर 2400 अंक निर्धारित
सेवा स्तर यानि कचरा उठान के साथ गीला-सूखा कचरा अलग-अलग करने व निस्तारण, साफ-सफाई के लिए 2400 अंक निर्धारित किए गए हैं। लेकिन इस कड़ी में शहर कमजोर है। बाहरी कॉलोनी में सफाईकर्मी जाते तक नहीं है। कचरा निस्तारण संयंत्र पर कोई प्रगति नहीं हो सकी है। इसके चलते ही बीते साल 1500 में से 320.29 अंक मिले सके थे।
खुले में शौचमुक्त व जल निकासी का प्रमाणीकरण
खुले में शौचमुक्त, जल निकासी व अन्य प्रमाणीकरण के लिए कुल 1800 अंक निर्धारित किए गए हैं। गार्बेज फ्री रेटिंग के लिए 1100 अंक व खुले में शौचमुक्त, जल निकासी के लिए 700 अंक निर्धारित है। रेवाड़ी नगर परिषद खुले में शौचमुक्त होने के चलते बीते साल 500 अंक लेने में सफल रहा था।
नागरिक प्रतिक्रिया में तीन तरह हो सकते हैं शामिल:
-एसएस 2021 पोर्टल
-वोट फॉर योर सिटी एप
-1969 पर कॉल करके
नागरिक प्रतिक्रिया में पूछे जाने वाले आठ सवाल :
- क्या आप जानते है कि आपका शहर स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 में भाग ले रहा है।
-क्या आप स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 में अपने शहर की रैंक जानते है।
- आप अपने शहर को अपने आसपास क्षेत्र की स्वच्छता के आधार पर कितने अंक देना चाहते हैं।
- आप अपने शहर के व्यवसायिक और सार्वजनिक क्षेत्रों की स्वच्छता पर कितने अंक देना चाहेंगे।
- क्या आपको हमेशा सूखे और गीले कचरे को अलग-अलग देने के लिए कहा जाता है।
- आप अपने शहर के सार्वजनिक या सामुदायिक शौचालय के स्वच्छता स्तर पर अपने शहर को कितने अंक देना चाहेंगे।
- क्या आप गूगल पर निकटतम सार्वजनिक शौचालय खोज सकते हैं।
- जानकारी है कि आपके शहर में स्वच्छता एप संबधित शिकायत का निराकरण किया जा रहा है।
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शहर को स्वच्छ बनाने को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पॉलिथीन उपयोग बंद करने को लेकर 40 हजार से अधिक कपड़े के थैले वितरित किए जा चुुके हैं। इस बार वोट फॉर सिटी एप पर भी 4500 से अधिक नागरिक अपनी प्रतिक्रिया दे चुकेे हैं। अधिक अंक लेने के लिए तीनों तरीकों से लोगों को वोट करना चाहिए। 31 मार्च तक नागरिक प्रतिक्रिया के बाद टीम प्रत्यक्ष अवलोकन करने के लिए आएगी।
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-केके झा, नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण।
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