रेवाड़ी। सरकार ने गुटखा, तंबाकू, निकोटिन और पान मसाला की बिक्री, उत्पाद एवं भंडारण पर प्रतिबंध लगाया हुआ है, लेकिन आज तक इनकी बिक्री पर सख्ती से रोक नहीं लग पाई है। यही वजह है कि धड़ल्ले से दुकानों पर प्रतिबंधित सामग्री का बिकना जारी है। सरकारी एजेंसियां मामले में आंख मूंदे हैं, जिसके कारण उक्त आदेश कागजों में दम तोड़ चुकेे हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार बीते एक साल में गुटखे व निकोटीन वाले पदार्थों पर रोक लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने लगभग 189 चालान काटे और 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। विभाग की खानापूर्ति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एक दिन के काम को एक साल में किया। जिले में गुटखा, तंबाकू व पान मसाला निर्माता कंपनियों ने सरकार की आंखों में धूल झोंकने के लिए बाजार में निकोटिन और तंबाकू एवं पान मसाला के अलग-अलग पाउच तैयार कर बिक्री के लिए उपलब्ध करवाए हैं। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत निर्मित खाद्य सुरक्षा एवं मानक नियम 2011 के विनियम 2,3,4 किसी खाद्य उत्पाद में संघटकों के रूप में तंबाकू व निकोटिन (गुटखा पान मसाला) के उपयोग एवं विक्रय पर विभाग द्वारा एक वर्ष के लिए और प्रतिबंध लगा दिया है। ऐसे में कोई व्यक्ति एवं दुकानदार उक्त आदेशों की अवहेलना करता है तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए। बता दें कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय-समय पर सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने और उक्त पदार्थों की बिक्री करने वालों के चालान काटे जाते हैं लेकिन बड़े स्तर की कार्रवाई अभी तक नहीं हुई है, जिससे इनके उपयोग एवं बिक्री पर नकेल कसी जा सके।
5 से 7 मरीज रोज पहुंच रहे नागरिक अस्पताल
नागरिक अस्पताल के ईएनटी डॉ. अशोक रंगा ने बताया कि रोजाना 5 से 7 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। पान मसाला और गुटखा के सेवन से मुंह खुलना बंद हो जाता है। दांत भी खराब होते हैं। ऐसे में ईएनटी स्पेशलिस्ट के पास आते हैं। मुंह के अंदर का रंग लाल और सफेद धब्बे दिखते हैं तो यह कैंसर की पहली स्टेज है। इसमें मुंह भी कम खुलता है और दर्द होता है। इन मरीजों की पहचान करके उपचार के लिए ओरल सर्जन के पास इलाज के लिए भेजा जाता है। इन्हें जागरूक करते हैं कि निकोटीन युक्त पान-मसाला व गुटखा का सेवन करना बंद कर दें।
गुटखा और पान मसालों का भंडारण करने वालों पर होगी कार्रवाई
सरकार ने सार्वजनिक स्थानों पर निकोटिन युक्त गुटखा-पान मसालों के उपयोग एवं बिक्री पर रोक लगा रखी है। इन्हें बेचने एवं भंडारण करने वालों पर शिकंजा कसते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी। इनके खाने से होने वाले मुंह के कैंसर से बचने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
- डॉ. रजनीश, नोडल अधिकारी, नागरिक अस्पताल