दीप्ति हत्याकांड के आरोपी हेमंत ने पुलिस के सामने अपना गुनाह कबूल करते हुए बताया कि वो शादी करने के लिए दबाव बना रही थी जबकि वह शादी का इच्छुक नहीं था। ऐसे में उसे रास्ते से हटाने के मकसद से अपने लाइसेंसी रिवाल्वर से उसका कत्ल किया था। यहीं नहीं अपने गुनाहों पर परदा डालने के लिए उसने कैब चालक की हत्या को अंजाम दिया।
दीप्ति हत्याकांड के मामले में पुलिस ने दिल्ली के रोहिणी क्षेत्र निवासी हेमंत लांबा को सूरत से गिरफ्तार किया था। इसी सिलसिले में धारूहेड़ा थाना पुलिस ने हेमंत को छह दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ की। शुक्रवार को हेमंत ने पुलिस को बताया कि कुछ माह पहले ही फेसबुक पर दीप्ति गोयल उसकी दोस्त बनी थी। छह दिसंबर को दीप्ति को घुमाने के बहाने वह अपनी अकोर्ड कार में लेकर जयपुर हाईवे आ गया।
इसी दौरान उसने गुरुग्राम के पास रास्ते में ही सुनसान जगह पर दीप्ति को अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद शव को धारूहेड़ा में फेंकने के बाद हेमंत वापस दिल्ली पहुंचा। दिल्ली पहुंचने के बाद उसने हत्या में इस्तेमाल की गई कार बेचने की कोशिश की, लेकिन गाड़ी नहीं बिकी। इसके बाद गाड़ी को मायापुरी में बेच दिया। डीएसपी हंसराज ने बताया कि रिमांड के दौरान जानकारी मिली है कि आरोपी पर दिल्ली में एक दुष्कर्म , दो छेड़छाड़ व 42 मामले एनआईए के दर्ज है, जिसमें लोगों के साथ ठगी करना, जबरन कब्जा करना व झगड़ा आदि करने शामिल है। डीएसपी ने बताया कि रिमांड पर लेकर उससे लगातार पूछताछ की जा रही है।
खुद की गाड़ी बेचने के बाद कैब बुक की
हेमंत ने अपनी कार बेचने के बाद दीप्ति के फोन से ओला कैब बुक की। ओला कैब बुक करने के बाद दिल्ली के जनकपुरी निवासी चालक देवेंद्र को लेकर वह जयपुर पहुंचा। जयपुर में उसने वाइफाई के जरिए मोबाइल में इंटरनेट चलाया और दीप्ति से संबंधित जानकारी जुटाई। इस दौरान उसे पता चला कि दीप्ति का शव बरामद हो गया है और उसकी पहचान भी हो चुकी है। इसके बाद उसे लगा कि वह पुलिस के हाथों पकड़ा जा सकता है। ऐसे में उसने कैब चालक देवेंद्र को जयपुर के एक सूनसान स्थान पर लेकर पहुंचा और फिर उसकी भी गोली मार कर हत्या कर दी। यहां से देवेंद्र की इनोवा को बेचने के लिए गुजरात के सूरत चला गया।
गाड़ी बेचने के प्रयास में चढ़ा पुलिस के हत्थे
डीएसपी हंसराज ने बताया कि सूरत में एक स्थान पर हेमंत गाड़ी को डीलर के पास बेचने के लिए पहुंचा। यहां उसने गाड़ी की कीमत नौ लाख रुपये मांगी। डीलर ने आठ लाख रुपये में सौदा तय किया। इनोवा की ड्राइविंग साइड का एक शीशा टूटा था और उस पर खून के धब्बे थे। जिसकी वजह से डीलर को संदेह हो गया, जिसके बाद हेमंत इनोवा लेकर वहां से भाग निकला। इस दौरान डीलर ने उसकी इनोवा के पीछे लिखे नंबर पर फोन कर जानकारी दी। इनोवा के पीछे लिखे नंबर देवेंद्र के भाई के थे और डीलर ने उक्त नंबरों पर बात की तो पता चला कि गाड़ी के चालक की हत्या हो चुकी है। मृतक चालक के भाई देवेंद्र ने इसकी सूचना धारूहेड़ा थाना पुलिस को दी थी। बाद में रेवाड़ी पुलिस द्वारा सूरत पुलिस को दी गई सूचना के आधार पर उसे सूरत शहर से गिरफ्तार किया गया था।