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मुंशी प्रेमचंद का साहित्य देता है सामाजिक चेतना की प्रेरणा : राजकुमार

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फोटो : 30मुंशी प्रेमचंद की पुण्यतिथि पर बातचीत करते प्रगतिशील साहित्यिक-सांस्कृतिक मंच। स्र
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रेवाड़ी। प्रगतिशील साहित्यिक-सांस्कृतिक मंच के तत्वावधान में साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद की 89वीं पुण्यतिथि पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। सेवानिवृत्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी राजकुमार जलवा ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद का साहित्य हमें सामाजिक चेतना और मानव मूल्यों की ओर मार्गदर्शन देता है।
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संयोजक के रूप में हरिओम सिंह और संचालन के लिए सेवानिवृत्त ईओ मनोज यादव ने कार्यभार संभाला। गोष्ठी में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि लेखन के माध्यम से शोषण, जुल्म और अन्याय के खिलाफ जन-जागरूकता पैदा की और ब्रिटिश साम्राज्यवाद के खिलाफ जनता को जागरूक किया।
गोष्ठी में प्रमुख रूप से उपस्थित प्रबुद्धजन और साहित्यकारों ने मुंशी प्रेमचंद के साहित्यिक योगदान और उनके विचारों पर विस्तार से चर्चा की। मुख्य वक्ताओं में सुरेंद्र सिंह, अमित यादव, पवन कुमार, राधेश्याम, राजकुमार, रणबीर सिंह, कृष्ण कुमार, राजेंद्र सिंह, रमेश, कैलाश चंद व अन्य शामिल थे।
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वक्ताओं ने बताया कि मुंशी प्रेमचंद नवजागरण काल के ऐसे साहित्यकार थे जिन्होंने अपने लेखन के माध्यम से समाज के हर वर्ग को प्रभावित किया। उन्होंने समाज में व्याप्त सामाजिक कुरीतियों, भेदभाव और अन्याय के खिलाफ अपने उपन्यास, कहानियों और निबंधों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया।
गोष्ठी में साहित्य और संस्कृति के महत्व पर भी चर्चा की गई और यह बताया गया कि वर्तमान युवा वर्ग को प्रेमचंद के आदर्शों और मूल्यपरक विचारों से प्रेरणा लेनी चाहिए।
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