नगरपालिका परिसर में सफाई कर्मचारी धरने पर बैठे। संवाद
बावल। कस्बे की नगरपालिका परिसर में सफाई कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शुरू किया गया दो दिवसीय धरना अब बढ़ाकर सात दिन का कर दिया गया है। धरने के छठे दिन भी कर्मचारी नगर पालिका परिसर में एकत्र होकर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते रहे। वहीं शहर में सफाई न होने से शहर कूड़े के ढेर में तब्दील हो गया है।
अशोक कुमार ने बताया कि कर्मचारी लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर धरना और प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन सरकार उनकी समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नहीं है।
उन्होंने मांग उठाई कि कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए विभागीय कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये किया जाए तथा गुरुग्राम में निकाले गए 3,480 कर्मचारियों को बहाल किया जाए। इसके अलावा कर्मचारियों की मृत्यु और सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपये मुआवजा देने तथा संबंधित कोर्ट के फैसलों को लागू करने की भी मांग की गई।
धरने के चलते कस्बे की सफाई व्यवस्था पर भी असर पड़ने लगा है। कई स्थानों पर कूड़े के ढेर लग गए हैं जिससे आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मुख्य बाजार सहित विभिन्न क्षेत्रों में कूड़ा जमा होने से दुर्गंध फैल रही है और नालियां भी गंदगी से भर गई हैं।
कूड़े के ढेरों में पशु घूमते नजर आ रहे हैं, जिससे स्थिति और खराब हो रही है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को जल्द नहीं माना गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस अवसर पर अशोक कुमार, बबीता, शीला, किरण, संदीप, योगेश, जवाहर सिंह, सुमन, कमलेश, रोहताश सहित अनेक कर्मचारी उपस्थित रहे।