संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। नगर परिषद के डंपर चालक ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। सरकारी वाहनों की फिटनेस जांच कराने से लेकर टैक्स जमा कराने में कोई दिलचस्पी नहीं ली जा रही है। आरटीए ने बिना फिटनेस के दौड़ रहे नगर परिषद के एक डंपर को जब्त किया है। साथ ही डंपर पर 35 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
नगर परिषद के एक अधिकारी ने सरकारी गाड़ी होने का हवाला देते हुए डंपर छोड़ने को कहा कि लेकिन आरटीए ने डंपर को नहीं छोड़ा। जुर्माना भरने के बाद ही डंपर को छोड़ा गया। नगर परिषद का एक डंपर रविवार सायं शहर का कूड़ा भरने के बाद रामसिंहपुरा की ओर जा रहा था। इसी दौरान कसोला चौक के पास आरटीए की टीम ने डंपर रुकवा लिया। डंपर में भरे गए कूड़े को ढका नहीं गया था, जिससे कूड़ा उड़कर सड़क पर गिर रहा था। डंपर पर पीछे नंबर प्लेट तक नहीं लगी हुई थी। आरटीए टीम ने डंपर पकड़कर चालक से उसके कागज दिखाने को कहा, तो वह कागज नहीं दिखा सका। चेक करने पर पाया गया कि डंपर का वर्ष 2020 के बाद टैक्स बकाया है। इस अवधि के बाद उसका फिटनेस सर्टिफिकेट भी नहीं लिया गया है। बिना फिटनेस यह वाहन अनफिट की श्रेणी में आता है, जिस कारण इससे कोई भी हादसा हो सकता है। जर्जर हालत में इस डंपर का फिटनेस सर्टिफिकेट भी हासिल नहीं किया जा सकता। साथ इस टैक्स का भुगतान अब पैनल्टी के साथ करना होगा, जिससे नगर परिषद को मोटी रकम चुकानी होगी।
19 ओवरलोड डंपर को किया था जब्त
कुछ दिनों पहले ही मुख्यमंत्री उड़नदस्ते व आरटीए की टीम ने संयुक्त रूप से ओवरलोड डंपरों के खिलाफ कार्रवाई की थी। इस दौरान आरटीए विभाग की टीम ने पूरे दस्तावेज नहीं मिलने पर 19 ओवरलोड डंपर को जब्त किया था। आरटीए विभाग ने ओवरलोड डंपरों का चालान कर 18 लाख 37 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। एनएच-48 पर जयसिंहपुर खेड़ा बॉर्डर से लेकर कसोला चौक तक नाकेबंदी के बाद कार्रवाई की गई थी।
वर्जन
जांच के दौरान नगर परिषद का एक डंपर को जब्त कर जुर्माना लगाया गया था। नियम सभी के लिए बराबर है, नियमों का पालन जरूरी है। इसका उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई होगी।-जसवीर सिंह, आरटीए रेवाड़ी।