फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तीन माह से बिछुड़ी बच्ची से मिलकर मां की आंखें खुशी से हुईं नम

विज्ञापन
विज्ञापन
रेवाड़ी। तीन माह से बिछड़ी बच्ची के मिलने की आस छोड़ चुकी मां की खुशियों का ठिकाना उस समय नहीं रहा जब उसने अपनी बेटी को सामने खड़ा पाया। मां ने जब बेटी को सीने से लगाया तब वहां मौजूद कोई भी शख्स ऐसा नहीं था, जिसकी आंखें नम न हो गई हों।
विज्ञापन

बाल कल्याण समिति के अनुसार 30 मार्च की रात को धारूहेड़ा चुंगी के निकट पुलिस को लगभग 10 वर्षीय बच्ची घूमती हुई मिली। पुलिसकर्मियों ने जब उससे नाम व घर के बारे में पूछा तो हिंदी न जानने के कारण बच्ची कुछ भी नहीं बता पाई। बाद में जगन गेट पुलिस चौकी के एएसआई सुरेश कुमार ने रात को ही बच्ची को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया। जहां से समिति ने बच्ची का मेडिकल एवं कोविड टेस्ट करवाने के बाद उसे बालिका गृह आशा किरण में भेज दिया।
इसके बाद समिति ने एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट से सम्पर्क किया। यूनिट के प्रभारी बलवंत सिंह व हेड कांस्टेबल सुरेश कुमार ने काफी प्रयासों के बाद दिल्ली के तिलक नगर थाना से यह जानकारी मिली कि 3 माह पूर्व रेवाड़ी से एक बच्ची के गायब होने की रिपोर्ट वहां दर्ज कराई हुई है। इस पर यूनिट के सदस्यों ने रिपोर्ट दर्ज कराने वाली महिला अमीना खातून से सम्पर्क किया और उसे बच्ची का फोटो दिखाया। अमीना ने तुरंत अपनी बच्ची को पहचान लिया।
विज्ञापन

वीरवार को अमीना बाल कल्याण समिति कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने अपनी बेटी को अपने सीने से चिपका लिया। अमीना ने बताया कि 30 मार्च को आसाम से वह अपनी बच्ची के साथ दिल्ली पहुंची थीं। धौला कुआं से तिलक नगर जाने के लिए वह गलती से रेवाड़ी की बस में बैठ गई। रेवाड़ी बस स्टैंड पर वह अपनी बेटी को बिठाकर पानी लेने चली गईं। जब वह वापस आयी तो उसने अपनी बेटी को गायब पाया। इस अवसर पर बाल कल्याण समिति की चेयरपर्सन कुसम शर्मा, सदस्य एडवोकेट अमरजीत सोनी, उषा रुस्तगी, मंजूबाला, डीसीपीओ दीपिका यादव, प्रीतम, सरस्वती, एन्टी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट प्रभारी बलवंत सिंह, सब इंस्पेक्टर राजेंद्र कुमार, शर्मिला, कुलदीप, रविंद्र व सुनील मुख्य रूप से मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें