संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। शहर की नई बस्ती स्थित प्राचीन शक्ति पीठ मां मनसा देवी मंदिर महाभारत काल से लोगों की आस्था का केंद्र है। मान्यता है कि विश्वास के सात पूजा करने पर मां अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करती हैं।
नवरात्र में नई बस्ती स्थित मां मनसा देवी मंदिर में दर्शन पूजन करने वालों की भीड़ लगी रहती है। मान्यता है कि यहां स्थापित मां मनसा देवी की मूर्ति महाभारत कालीन है। प्रबुद्ध जनों का कहना है कि मां ने सपने में राजा राव नत्थूराम को दर्शन दिए। इसके बाद कुएं से देवी मां की मूर्ति निकाली गई थी। इसके बाद उसी समय एक और मूर्ति नगर कोट से लाई गई। तभी से दोनों मूर्तियों की समान रूप से पूजा की जाती है। इसके अलावा मंदिर में एक गुफा भी है, जिसके बारे में अलग-अलग प्रसंग प्रसिद्ध हैं।
मंदिर कमेटी की ओर से नवरात्र के पहले दिन ध्वजयात्रा निकाली जाती है। अष्टमी को मां का जागरण विशेष आकर्षण का केंद्र होता है। जागरण में दूरदराज से श्रद्धालु पहुंचते हैं। मंदिर में नवरात्रों में नियमित रूप से भजन व कीर्तन का आयोजन किया जाता है।
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इस मंदिर में विश्वास के साथ पूजा करने पर श्रद्धालुओं की मनोकामना पूरी होती है। मंदिर में नवरात्र में श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है। नवरात्र में मंदिर की सजावट की गई है। इन दिनों सुबह से देर शाम तक माहौल भक्तिमय बना रहता है।- पं. विजय मिश्रा, पुजारी।
मंदिर के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था : राव बिजेंद्र सिंह
मनसा मंदिर के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था है। सच्चे मन से मां से मांगी मनोकामना पूर्ण होती है। शहर के अलावा आसपास के क्षेत्र के लोग मां के दर्शन करने आते हैं। अष्टमी पर जागरण का आयोजन होता है। साल में दो बार ध्वज यात्रा निकाली जाती है। - राव बिजेंद्र सिंह, संरक्षक, मां मनसा देवी मंदिर