फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rewari News: पूरी रात 6.5 डिग्री में ठिठुरतीं रहीं जच्चा-बच्चा

Sun, 17 Dec 2023 12:41 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
विज्ञापन
विज्ञापन
रेवाड़ी। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की ओर से शुक्रवार को बावल रोड पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया था। इस दौरान सड़क किनारे झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले (गाड़िया लोहार) लोग बेघर हो गए हैं। आरोप है कि कार्रवाई के दौरान झुग्गी-झोपड़ी को हटाने के साथ ही घर का सामान को भी तोड़ दिया। साथ ही इसके चलते पूरी रात 20 से ज्यादा परिवारों ने खुले आसमान तले रात गुजारनी पड़ी। वहीं, 6.5 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान में अंजली नाम की महिला ने भी ठिठुरते हुए रात बिताई, जिसने 3 दिन पहले ही बेटी को जन्म दिया था। बेटी के जापे के लिए मांग कर लाया गया घी भी जमींदोज हो गया। परिवार 1 घंटे की मोहलत देने की गुहार लगाते रहे लेकिन अधिकारी का कलेजा नहीं पसीजा। अधिकारी ने झुग्गी झोपड़ियों से सामान निकालने तक का भी समय नहीं दिया। पका हुए खाने को भी पूरी तरह से जमींदोज कर दिया गया। जो कंबल लोगों ने दान किए थे वह भी नहीं बचे।
विज्ञापन


एचएसवीपी की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल

एचएसवीपी की कार्रवाई पर भी अब सवाल उठने लगे हैं। झुग्गी झोपड़ियों के पास ही दर्जनों नर्सरियां चल रही है लेकिन विभाग ने इन्हें छुआ तक नहीं। यही नहीं विभाग की बेश कीमती जमीन पर लोगों ने काफी समय से अतिक्रमण किया हुआ है और अतिक्रमण भी पक्के तौर पर है लेकिन विभाग ने आज तक कोई कार्रवाई नहीं की है। जबकि झुग्गी झोपडियों वालों का यह अस्थाई अतिक्रमण था। झुग्गी झोपडियों वालों का कहना है कि शहर में कई प्रभावशाली लोगों ने पक्के निर्माण करके अवैध कब्जा कर रखा है। वहां पर कार्रवाई नहीं होती।

घर का सामान निकालने तक का मौका नहीं मिला

बता दें कि शहर के बावल रोड पर कोर्ट कॉम्लेक्स के पीछे सड़क के दोनों साइड एचएसवीपी की जमीन पर 20 से ज्यादा परिवार लंबे समय से झुग्गी-झोपड़ी डालकर रह रहे थे। शुक्रवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पुलिस बल के साथ पहुंची एचएसवीपी की टीम ने झुग्गी-झोपड़ी पर बुलडोजर चलाना शुरू कर दिया। इस दौरान झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों को अपना सामान तक निकालने का मौका नहीं मिला। कार्रवाई के दौरान उनकी झुग्गी-झोपड़ी के सामान के अलावा बिक्री के लिए रखे गए मिट्टी के बर्तन तक टूट गए।
विज्ञापन


एडवोकेट कामरेड राजेंद्र सिंह ने कार्रवाई पर उठाए सवाल

एचएसवीपी की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए एडवोकेट कामरेड राजेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार एक तरफ जरूरतमंदों के लिए रैन बसेरे लगा रही है। वहीं, सर्दी में गरीबों के आशियानों को उजाड़ा जा रहा है। यह अस्थाई अतिक्रमण है। जबकि, शहर में कई प्रभावशाली लोगों ने पक्के निर्माण करके अवैध कब्जा कर रखा है। वहां पर विभाग की नजरें क्यों नहीं जाती हैं। जिस तरह से हाड़ कंपा देने वाली ठंड में यह कार्रवाई की गई है अमानवता का संदेश दिया गया है।
विज्ञापन




जमीन खाली करने को लेकर पहले ही नोटिस दिया गया था। मगर जमीन खाली नहीं की गई। उच्च अधिकारियों के आदेश के बाद कार्रवाई को अंजाम दिया गया है।

अमित वशिष्ट, जेई, हुडा विभाग
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें