धारूहेड़ा। औद्योगिक कस्बा धारूहेड़ा में सभी अवैध कट को बंद करने का कार्य शुरू कर दिया गया है। वहीं एक तरफ कर्मचारी सभी कट को बंद कर रहे हैं तो दूसरी तरफ पेट्रोल पंप संचालक और ढाबा संचालकों द्वारा नाले में मिट्टी डालकर कट को फिर खोला जा रहा है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि हाईवे से जो वाहन चालक गुजरते हैं वह पेट्रोल पंप और ढाबा पर आसानी से आ सकें।
दरअसल दिल्ली-जयपुर हाईवे पर कई जगह पर नाले काे पूरी तरह भरकर कट बनाए गए हैं। इन कट की वजह से न केवल हाईवे पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ता है बल्कि अक्सर हादसे होते रहते हैं। कट की वजह से कहीं से भी वाहन हाईवे पर चढ़ जाते हैं। सर्वे के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने कट को बंद करने का अभियान भी शुरू कर दिया है। सबसे पहले जहां पर भी बरसाती नाले को भर दिया गया है उसे साफ किया जा रहा है।
हाईवे पर बढ़ रहे हादसों पर लगाम लगाने के लिए पिछले वर्ष केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एनएचएआई के सभी परियोजना निदेशकों को अपने स्तर पर सर्वे कर ब्लैक स्पाट को खत्म करने के निर्देश दिए थे। निर्देशानुसार दिल्ली-जयपुर हाईवे का न केवल सर्वे पूरा कर लिया गया, बल्कि जहां भी अवैध कट हैं उन्हें खत्म करने की दिशा में कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। हाईवे पर कापड़ीवास से आगे जयपुर की तरफ रेवाड़ी सीमा में 50 से अधिक अवैध कट सामने आए थे। इनको अब बंद किए जाने का काम शुरू कर दिया गया है।
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सबसे पहले निकाली जाएगी मिट्टी
सर्वे में यह भी सामने आया है कि सर्विस लेन से ही नहीं बल्कि सीधे मुख्य मार्ग से कई ढाबा संचालकों और पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा अवैध कट बना लिए गए हैं। इसके लिए नाले को मिट्टी से पूरी तरह भर दिया गया है। अभियान के दौरान सबसे पहले नाले से मिट्टी निकाली जाएगी। इससे नाले भी साफ हो जाएंगे और अवैध कट भी बंद हो जाएंगे।
इस वजह से खोले जा रहे कट
एक संचालक ने बताया कि उनका ढाबा राष्ट्रीय राजमार्ग पर है। यह बात ठीक है कि कट की वजह से हादसे होते हैं, लेकिन ग्राहक उनके पास कैसे पहुंचे, इसके लिए भी प्रशासन को व्यवस्था करनी चाहिए। ग्राहक इनके पास नहीं पहुंच पाते है। जिससे ढाबा बंद होने के कगार पर पहुंच जाता है। पेट्रोल पंपों की भी यही स्थिति है। वहां पर भी लोग नहीं पहुंच पाते हैं। इसलिए हर कोई अपनी सुविधा अनुसार बना रहा है
राष्ट्रीय राजमार्ग पर जितने भी अवैध कट हैं, सभी को बंद किया जा रहा है। अवैध कट को चिह्नित कर लिए गए हैं। फिर से अवैध कट बनाए जा रहे हैं तो यह उचित नहीं है।- योगेश पाठक, पीआईयू मैनेजर, एनएचएआई