रेवाड़ी। रोडवेज डिपो में 150 से अधिक ई-टिकटिंग मशीनों की जरूरत है, मगर 40 मशीनों के सहारे कार्य किया जा रहा था। पिछले कुछ दिनों से 40 मशीन भी ठीक प्रकार से कार्य न करने के कारण मुख्यालय भेजी गई है। रोडवेज की ई-टिकटिंग मशीनों के साथ अब हैप्पी कार्ड में दिक्कत यात्रियों की परेशानी बढ़ रही है।
कभी ई-टिकटिंग मशीन में कार्ड काम नहीं करते, तो कभी लोडिंग होने में समय अधिक लगता है, जिससे सफर के दौरान कंडक्टर और यात्रियों यानी दोनों को ही परेशानी होती है। फिलहाल, हालात यह है कि 40 पंचकूला भेजी गई मशीनें अभी तक ठीक होकर वापस नहीं आईं हैं। रोडवेज के कई कंडक्टरों के मुताबिक अधिकतर मशीनों की बैटरी खराब हो चुकी है और हैंग होने की समस्या भी आम हो गई है।
इससे न केवल यात्रियों को असुविधा हो रही है, बल्कि कंडक्टरों के लिए भी टिकटिंग का काम मुश्किल बन गया है। हर दिन कई रूटों पर यह परेशानी सामने आ रही है। अब मशीनें अक्सर हैंग हो जाती हैं, जिससे टिकट लेने में देरी होती है। कई बार तो कंडक्टर को नकद भुगतान लेना पड़ता है, क्योंकि मशीनें बफरिंग करने लग जाती हैं और यात्री इंतजार करता रहता है, जिसके बाद बात नहीं बनती तो कंडक्टर फिर नकद भुगतान लेता है। इससे बसों में अव्यवस्था बढ़ गई है। तकनीकी खामियों के चलते कंडक्टरों को यात्रियों के गुस्से का सामना करना पड़ता है। कंडक्टरों के मुताबिक, हमारे पास कोई विकल्प नहीं होता। मशीन हैंग कर जाए या काम न करे तो मजबूरी में नकद टिकट देना पड़ता है, लेकिन यात्री समझने को तैयार नहीं होते। कभी-कभी तो अक्सर झगड़े भी हो जाते हैं।
लोगों को हो रही काफी परेशानी
कई यात्री हैप्पी कार्ड पर निर्भर होकर घर से नकदी नहीं लाते, लेकिन जब कार्ड काम नहीं करता या मशीन हैंग हो जाती है, तो उनकी मुश्किलें बढ़ जाती हैं। कंडक्टरों के पास नकद टिकट का विकल्प होता है, पर बिना पैसे के यात्रियों को या तो बस से उतरना पड़ता है या दूसरों से मदद मांगनी पड़ती है। इससे सफर में देरी और असुविधा के साथ-साथ यात्रियों में नाराजगी भी बढ़ रही है।
वर्जन
जिन यात्रियों के हैप्पी कार्ड में दिक्कत आ रही है, वे कार्यालय में आकर संपर्क करें, ठीक कर दिया जाएगा। ई-टिकटिंग मशीनों में आने वाली खराबी से मुख्यालय को अवगत करा दिया गया है।
-प्रदीप कुमार, जीएम रोडवेज रेवाड़ी।