फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rewari News: पॉलिटेक्निक कोर्स के बाद विद्यार्थियों के लिए रोजगार की ज्यादा संभावनाएं

Sun, 09 Apr 2023 11:28 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
विज्ञापन
अनिल यादव, प्राचार्य
विज्ञापन
रेवाड़ी। जिले का बावल क्षेत्र औद्योगिक क्षेत्र है। यहां जापान, चीन, अमेरिका, कोरिया और अन्य देशों की विदेशी कंपनियां काफी संख्या में हैं। जिनमें अनेक राज्यों के युवा नौकरी कर रहे हैं। ऐसे में रेवाड़ी के 12वीं पास करने वाले विद्यार्थियों के लिए पॉलिटेक्निक कोर्स में एडमिशन लेना चाहिए। जिससे इंजीनियर कोर्स में सीधे द्वितीय वर्ष में एडमिशन हो जाता है। इस कोर्स में एडमिशन लेने पर रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। इस बारे में जानिए राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल कंवाली के प्राचार्य अनिल यादव की राय :
विज्ञापन


कैसे करें तैयारी : इस क्षेत्र में पढ़ाई से ज्यादा प्रेक्टिकल की जरूरत होती है। 12वीं कक्षा पास होने के बाद एंट्रेस एग्जाम देकर किसी पॉलिटेक्निक कॉलेज में दाखिला ले सकते हैं। इसके अलावा इलेक्ट्रीशियन वेल्डर, फिटर टर्नर, रेफ्रिजरेशन एंड एयर कंडीशनिंग मशीनिंग, ऑटोमेशन, ब्यूटी एंड वैलनेस, नेट बैंकिंग आदि कोर्सेज में दाखिला ले सकते हैं।
कार मैकेनिक बनने के लिए योग्यता
कार मैकेनिक बनने के लिए इंजीनियरिंग या पॉलिटेक्निक डिप्लोमा जरूरी है। पॉलिटेक्निक के लिए दसवीं कक्षा पास होनी चाहिए। अगर आप बारहवीं पास किए हुए हैं तो साइंस फैकल्टी होनी चाहिए। उसके बाद किसी अच्छी पॉलिटेक्निक कॉलेज में एडमिशन ले सकते हैं। अगर आप कार मैकेनिक बनना चाहते हैं तो इसमें रुचि होनी चाहिए। इसके साथ ही कार या मोटरसाइकिल के कुछ बेसिक पार्ट्स के बारे में भी पता होना चाहिए।
विज्ञापन

पॉलिटेक्निक की पढ़ाई के लिए अच्छे कॉलेज
पॉलिटेक्निक की पढ़ाई के लिए गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक मुंबई, एसएच जोंधले पॉलिटेक्निक ठाणे, वीपीएम पॉलिटेक्निक ठाणे, विवेकानंद एजुकेशन सोसाइटी पॉलिटेक्निक मुंबई, आदेश पॉलिटेक्निक कॉलेज मुक्तसर, अंजुमन पॉलिटेक्निक नागपुर, एग्नेल पॉलिटेक्निक नवी मुंबई, छोटू राम पॉलिटेक्निक रोहतक, अधिपरशक्ति पॉलिटेक्निक कॉलेज कांचीपुरम, एमईआई पॉलिटेक्निक बंगलुरु व अन्य अच्छे कॉलेज हैं।
आसपास की कंपनियों में जाकर सीखें
पॉलिटेक्निक में प्रवेश पाने के लिए अभ्यास बहुत जरूरी है। विद्यार्थी अपने आसपास छोटी-छोटी कंपनियों में जाकर सीख सकते हैं। इसके अलावा बावल में अनेक कंपनियां व फैक्ट्रियां हैं जहां प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में कारों की रिपेयरिंग या निर्माण किया जाता है। विद्यार्थी के लिए यह सीखने का सबसे आसान तरीका है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें