नवंबर-2014 में जोरशोर के साथ शुरू किया गया राज्य सरकार का ऑनलाइन मिशन क्लीन रेवाड़ी साल भर में ही औंधे मुंह गिर गया है।
समस्याओं को ज्यादा जल्दी प्रशासन के पास तक पहुंचाने और इसके त्वरित निस्तारण के लिए शुरू किए गए इस मिशन के फ्लॉप होने का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 2015 में महज नाममात्र की ही शिकायतें इस वेबसाइट पर शहरवासियों ने की हैं।
इनके भी निस्तारण का कुछ अता-पता नहीं है। एक साल में कुल 197 शिकायतें मिशन क्लीन रेवाड़ी ऑनलाइन वेबपोर्टल पर भेजी गई हैं। जिनमें से 180 से ज्यादा 2014 में भेजी गई थीं।
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-जानिए पंद्रह कैटेगरी में किसकी-कितनी शिकायत
मिशन क्लीन रेवाड़ी वेबसाइट में शिकायतों की पंद्रह कैटेगरी थी। वेबसाइट पर ऑनलाइन शिकायत के माध्यम से अतिक्रमण(15), सड़क जाम(10), ट्रैफिक लाइट(1), बैड बोर्ड(14), कचरा(76), अवैध होर्डि़ंग(3), आवारा पशु(3), दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र(11), बरसाती पानी की समस्या(4), ओवरफ्लो सीवर(29), पानी की बर्बादी(10), स्ट्रीट लाइट(16), मच्छर और मक्खी(5), मृत पशु(1)व अन्य समस्याएं(15)संबंधी की शिकायतें फोटो खींचकर पोर्टल पर ही ऑनलाइन होनी थी।
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दो महीने में 182, 2015 में महज 15 शिकायतें
नवंबर 2014 में जब मिशन क्लीन रेवाड़ी लॉन्च किया गया था, तो महज दो दिनों में ही तीस से ज्यादा शिकायतें वेबपोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज हुई थीं। महीने भर में शिकायतों की संख्या 100 के करीब पहुंच गई थी। लेकिन नवंबर खत्म होते-होते स्पीड धीमी हुई, जो नए साल तक पहुंचते-पहुंचते 182 हो गई। अब आलम यह है कि 2015 में महज 15 ही शिकायतें मिशन क्लीन रेवाड़ी के ऑनलाइन वेबपोर्टल पर हुई हैं। पिछले एक साल में मिशन क्लीन रेवाड़ी में महज 197 शिकायतें ऑनलाइन भेजी गई हैं।
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आतिशबाजी छूटी और कचरा सड़क पर छूटा
दीपावली महापर्व और गोबर्धन पूजा के उपलक्ष्य में नगर परिषद और नगर पालिकाओं की बृहस्पतिवार को छुट्टी रही। जिसके चलते जिले में सभी सफाई कर्मचारी छुट्टी पर रहे। उधर बुधवार की रात जिलेवासियों ने जमकर आतिशबाजी छोड़ी। ऐसे में शहर समेत जिले भर की सड़कों पर अच्छा खासा पटाखों का कचरा छूट गया।
शहर को क्लीन बनाने के लिए कार्य चल रहा है, जल्द ही डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने के लिए टेंडर दे दिया जाएगा। प्रशासनिक सुस्ती के चलते थोड़ी देर जरूर हुई है। जल्दी ही नगर निकाय विभाग के डीजी से मिलूंगा। जहां तक पोर्टल की बात है तो शिकायतें कम आने का मतलब है कि लोग सफाई व्यवस्था में सुधार देख रहे हैं।
रणधीर सिंह कापड़ीवास, विधायक रेवाड़ी।
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प्रशासन शहर को क्लीन बनाने के लिए प्रतिबद्घ है। घर-घर से कूड़ा उठाने के लिए जल्द ही टेंडर दे दिया जाएगा। वहीं पार्टल पर शिकायतें मिलती हैं तो उनका समाधान किया जाता है।
डॉ यश गर्ग, उपायुक्त रेवाड़ी।