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मिशन क्लीन: एक साल बाद भी कूड़े के ढेर पर रेवाड़ी

Sun, 02 Oct 2016 12:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
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कचरे का ढेर
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गांधी जयंती पर आज से ठीक दो साल पहले स्वच्छ भारत अभियान शुरू हुआ था। जोर-शोर के साथ शुरू अभियान में आम आदमी की भागीदारी जोड़ने के लिए मिशन क्लीन रेवाड़ी नाम से पोर्टल भी लांच किया गया। हकीकत में न तो अधिकारियों के स्तर पर कुछ हुआ और शिकायतों का समाधान न होने पर पोर्टल पर जनता की भागीदारी भी कम होने के साथ ही बंद हो गई। एक साल बाद भी शहर के मोहल्लों, गलियों और मुख्य बाजार में जगह-जगह कूड़े के ढेर, बंदी पड़ी नालियों और सीवर का उफनता बदबूदार पानी नजर आता है। हालात यह हैं कि साल बीतने के बावजूद जनता को उतना रेस्पांस नहीं मिला जितनी उम्मीद थी। दो माह से शहर की व्यवस्थाओं में कुछ सुधार जरूर हुआ है। अब कहीं होर्डिंग लगाकर शोले के गब्बर की कूड़ा फेंकने पर इनाम की धमकी तो कहीं दीवार मूवी में अमिताभ और शशि कपूर के बीच मेरे पास मां है....का डायलॉग अपनाया जा रहा है।
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रेलवे जंक्शन पर लगे हैं डायलॉग बोर्ड
रेलवे प्लेटफार्म के पिलर्स पर शोले मूवी का गब्बर का डायलॉग कितना ईनाम रखी है सरकार हमारे सिर पर...को कन्वर्ड कर कूड़ा फेंकने वालों पर कितना दंड है..पूरे 500 लिखा है। तो कहीं दीवार पर थूकना मना है...कहते हुए अमिताभ दिखते हैं। कहीं आनंद के बाबू मोशाय गंदगी न करने की सलाह दे रहे हैं। लोगों के बीच यह फार्मूला हिट होता भी नजर आ रहा है।
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सालिड वेस्ट प्लांट न बन पाना बड़ी समस्या
दो सालों से नगर परिषद में सॉलिड वेस्ट प्लांट मैनेजमेंट की समस्या पर बात हो रही है। कभी जमीन मिलती है तो कभी जमीन मिलने की बात हवा हवाई साबित होती है। कभी चिह्नित जमीन पर स्थानीय ग्रामीणों का विरोध हो जाता है। ऐसे में कूड़े कर्कट के डंपिंग प्वाइंट्स पर कूड़ा पड़ता है। शहर के ट्रामा सेंटर, बल्लूवाड़ा, शिव चौक के पास ऐसे डंपिंग यार्ड बने हैं, जहां कूड़ा हमेशा पड़ा मिलता है। हाल ही में यहां बाउंड्रीवाल खींची गई है।
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मिशन क्लीन रेवाड़ी एक साल से ठप
दो अक्तूबर को ही शुरू हुआ मिशन क्लीन रेवाड़ी पोर्टल भी बंद सा पड़ा है। पोर्टल पर लिखित शिकायत करने के साथ ही संबंधित दिक्कत की फोटो भी भेजनी होती थी। आलम यह है कि अक्तूबर से 31 दिसंबर 2014 तक जो शिकायतें पोर्टल पर दर्ज की गई थीं। उसकी एक चौथाई शिकायतें भी इसके बाद पोर्टल पर दर्ज नहीं की गई है। ऐसे में साफ है कि कहीं न कहीं वेब पोर्टल पर की जाने वाली शिकायतों का समुचित समाधान नहीं हो सका और प्रशासन ने जनता पर से अपना विश्वास खोया।
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कोट
कार्यभार संभालने के बाद से ही अतिक्रमण हटाने के साथ ही नाले-नालियों की सफाई की जा रही है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की व्यवस्था करने के लिए हाउस की अगली मीटिंग में पार्षदों के बीच मामला रखा जाएगा। - मनोज यादव, ईओ, नगर परिषद, रेवाड़ी
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