कुख्यात बदमाशों की तलाश में मेवात के कांगरका और बावला गांव में दबिश देने गई सीआईए टीम की आफत आ गई। बदमाशों ने गांव के कुछ लोगों के सहयोग से पुलिस टीम पर पथराव कर दिया और पिस्टल लूटकर फरार हो गए। कुछ पुलिस वालों की पिटाई होने की बात कही जा रही है।
पुलिस और बदमाशों के बीच जमकर फायरिंग हुई। पथराव में करीब सात पुलिसकर्मी चोटिल हुए। आईजी और एसपी ने घटना की जानकारी लेकर हमलावरों के खिलाफ लूट और हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया है।
गौरतलब है कि फरार चल रहे कुख्यात बदमाशों की धरपकड़ के लिए शासन से आदेश जारी हुए है। रेवाड़ी पुलिस की सूची में 12 बदमाशों के नाम हैं, जिनमें से 9 बदमाश मेवात के रहने वाले हैं। बदमाशों की तलाश में सीआईए टीम भी लगी है।
सोमवार रात सीआईए टीम को सूचना मिली कि वांछित अपराधी गांव बावला और कांगरका में छुपे है। टीम ने बदमाशों को पकड़ने के लिए गांव में दबिश दी, लेकिन बदमाशाें की संख्या अधिक होने के कारण पुलिस को मात खानी पड़ी। बावला गांव में पुलिस की गाड़ी जैसे ही घुसी तो बदमाशों ने अपनी गाड़ी से टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बदमाशों ने कुछ लोगों की मदद से पुलिस टीम पर पथराव कर दिया। इसके बाद पुलिस टीम पर फायरिंग की। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए गोलियां चला दी।
काफी देर बदमाश तथा पुलिसकर्मियों में आमने- सामने की फायरिंग हुई। बदमाशों की संख्या अधिक होने के कारण वे पुलिस पर हावी हो गए। एक पुलिसकर्मी से पिस्टल लूटकर बदमाश फरार हो गए। पथराव में एएसआई प्रदीप, प्रदुमन, इंद्र सिंह सहित सात पुलिस कर्मी घायल हो गए।
इस घटना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि आईजी और एसपी ने पूरे मामले पर संज्ञान लेते हुए हमलावरों के खिलाफ लूट, हत्या का प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया है। इसके बाद दोनों गांव में अतिरिक्त पुलिस फोर्स भेजा गया। पुलिस फोर्स ने दोनों गांव में डेरा डाल दिया है। बदमाशों की तलाश में ताबड़तोड़ दबिश दी जा रही है।
एसपी ने सीआईए को सौंपी कमान
एसपी हामिद अख्तर ने इस बार पूरी रणनीति के तहत बदमाशों को काबू करने के लिए सीआईए प्रभारी नरेश कुमार को कमान सौंपी है। सीआईए पुलिस ने मेवात पुलिस से बदमाशों की धरपकड़ के लिए ऑपरेशन को अंजाम देना शुरूकिया।
मेवात के बावला निवासी हाफिज पर रेवाड़ी में लूट, हत्या का प्रयास, चोरी व डकैती के मामले है। यह बदमाश गायों की तस्करी में शामिल रहा, लेकिन यह कुख्यात बदमाश पिछले काफी समय से पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पा रहा। पुलिस के अनुसार गांव में हाफिज के पक्ष में काफी लोग है, जो हर बार पुलिस पर हावी हो जाते है तथा पुसिल को बदमाशाें को गिरफ्तारी की बजाय बैरंग ही लौटना पड़ता है।