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Rewari News: जिले की मंडियो में नहीं हुई बाजरा खरीद, बावल में किसानों ने दिया धरना

Tue, 03 Oct 2023 11:33 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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संवाद न्यूज एजेंसी
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रेवाड़ी। जिले की रेवाड़ी व कोसली अनाज मंडी में मंगलवार को बाजरे की खरीद नहीं हो सकी। बुधवार को हैफेड की तरफ से कॉमर्शियल खरीद की जाएगी। हैफेड अधिकारियों का कहना है कि जिन किसानों के टोकन काटे जा चुके हैं, उनकी बाजरे की खरीद की जाएगी और नए टोकन भी काटे जाएंगे। वहीं मंगलवार को रेवाड़ी मंडी से 75 हजार क्विंटल बाजरे का उठान भी किया गया।
वहीं, बावल में बाजरे की खरीद न होने से नाराज भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों का धरना मंगलवार को भी अनाज मंडी में जारी रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता भरतसिंह नंबरदार ने की। भाकियू प्रदेश सचिव रामकिशन महलावत ने कहा कि चार दिन पहले हैफेड के अधिकारियों ने 2 अक्तूबर से बावल अनाज मंडी में खरीद करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक खरीद को लेकर कोई भी प्रक्रिया शुरू तक नहीं हो पाई है। ऐसे में मंडी में किसान ट्रैक्टर-ट्राॅली में बाजरा लेकर पहुंच रहे हैं।
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9 अक्तूबर को अनाज मंडी में किसान पंचायत करने का फैसला लिया
बाजरा खरीद को लेकर किसानों में रोष पनप रहा है। किसान नेताओं का कहना है कि सरकार किसानों के साथ धोखा कर रही है। उन्होंने 9 अक्तूबर को अनाज मंडी में किसानों की पंचायत रखने का फैसला लिया है। जिसकी सभी तैयारियां शुरू की जा चुकी है। किसान नेता गांव-गांव जाकर किसानों से संपर्क कर मुनादी करा रहे हैं।
रामकिशन महलावत ने कहा कि इस पंचायत में भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत के पहुंचने की भी संभावना है। इस अवसर पर सोनू, महेंद्र ककरावत, मीर सिंह खिंजुरी, विक्रम, कुलदीप, नरेश, गुल्लू, भजनलाल खटाना, विक्रम, सुमेर बनीपुर, सरजीत सिंह, डॉ. लेखराम मेहरा, लालचन्द मास्टर सहित अनेक किसान मौजूद रहे।
विधायक चिरंजीव राव ने बाजरा खरीद की व्यवस्था पर उठाए सवाल
इसी कड़ी में कांग्रेसी विधायक चिरंजीव राव ने मंगलवार को नई अनाज मंडी पहुंचकर बाजरा खरीद का जायजा लिया। उन्होंने बाजरा खरीद की व्यवस्था पर सवालिया निशान उठाते हुए कहा कि उनसे बहुत से किसानों ने शिकायत की है कि टोकन लेने के लिए घंटों लाइन में खड़े रहते हैं, फिर भी किसी को टोकन मिल जाता है और किसी को वापस घर जाना पड़ रहा है। इतना ही नहीं टोकन काटने के बाद भी किसान भाइयों का बाजरा नहीं खरीदा जा रहा है।
इस बार बाजरे की अच्छी उपज हुई है, लेकिन सरकार किसानों का बाजरा खरीदने को लेकर गंभीर नहीं है। किसान हितैषी होने का झूठा दावा करने वाली गठबंधन सरकार अन्नदाता के साथ अन्याय कर रही है। गुणवत्ता के हिसाब से बाजरा भी अच्छा है, लेकिन सरकार की नीयत में खोट है। सैंपल फेल दिखाकर बाजरा खरीद में आनाकानी कर रही है।
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उन्होंने बताया कि इस बार प्रदेश सरकार ने बाजरे का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2200 रुपये और भावांतर भरपाई के तहत 300 रुपये के बोनस सहित कुल 2500 रुपये प्रति क्विंटल की खरीद का वादा किया है, लेकिन किसानों का बाजरा मात्र 1900 में खरीदा जा रहा है और जिनका बाजरा खरीदा गया है, उनको अभी भावांतर की राशि भी नहीं मिली है। भाजपा सरकार ने वादा किया था कि 2022 में किसानों की आमदनी दोगुनी कर देंगे,जबकि सच्चाई यह है कि किसान भाइयों को न्यूनतम समर्थन मूल्य भी नहीं मिल रहा। इस बारे में वे मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को सभी बातों से अवगत कराएंगे।
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