कार्यक्रम में एकत्रित हुए लोग। संवाद
बावल। कस्बे में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर जगदीश पहलवान ने बेटे प्रवीण की शादी बिना दहेज के करने का निर्णय लिया। इस शादी में लड़की पक्ष से न तो कोई सामान लिया गया और न ही किसी प्रकार का धन जिससे यह आयोजन पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। भरतपुर के नजदीक गांव से लड़की पक्ष के लोग लग्न लेकर पहुंचे थे।
जगदीश पहलवान का कहना है कि बेटी से बड़ा कोई धन नहीं होता और बेटी ही सबसे अमूल्य धन है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बेटा और बेटी में कोई अंतर नहीं होना चाहिए। बेटी पढ़-लिखकर दो परिवारों को रोशन करती है और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उन्होंने बताया कि सरकारें अक्सर बेटियों की शिक्षा और सशक्तिकरण को लेकर नारे देती हैं लेकिन समाज में वास्तविक बदलाव तब आएगा जब लोग दहेज जैसी कुरीति को छोड़कर बेटियों को सम्मान देंगे। इसी सोच के साथ उन्होंने अपने बेटे प्रवीण पहलवान की शादी बिना दहेज के करने का निर्णय लिया।
इस मौके पर पूर्व विधायक राव दानसिंह, कांग्रेस नेत्री शकुंतला भगवाड़िया, पूर्व मंत्री डॉ. बनवारी लाल, एडवोकेट वीरेंद्र सिंह, मनोज चचन, व्यापार मंडल अध्यक्ष नरेश जेलदार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।