रेवाड़ी। वह रास्ता जहां पर बनाया जाएगा बाईपास। संवाद
कोसली। बारह साल से अधूरे बाईपास की अब पैमाइश हो गई है। जल्द ही 65 करोड़ रुपये के बजट से निर्माण शुरू होगा। इस अधूरे बाईपास को बनाने कि घोषणा दीपेंद्र सिंह हुड्डा के शासनकाल में हुई थी। इसके बाद वर्ष 2012 में कार्य शुरू भी हुआ, लेकिन जिला झज्जर की सीमा पर आकर जमीन के मुआवजे को लेकर बात अटक गई।
अब किसानों ओर सरकार के बीच समझौता होने के बाद बाईपास के लिए दोनों जिला के जिन किसानों की जमीन लगती थी, उसकी पैमाइश पूरी कर ली गई है। कोसली क्षेत्र के साथ-साथ जिला झज्जर के लोगों को भी इस बाईपास के बनने से काफी सुविधा मिलेगी। वहीं बाजार से होकर गुजरने वाले ओवरलोड और भारी वाहनों से निजात मिलेगी। इस बाईपास में एक साल से अधिक समय लगेगा इसमें रेलवे लाइन पर धनिया फाटक पर ओवरब्रिज बनेगा।
विधायक लक्ष्मण यादव ने किया प्रयास
इस बाईपास के अधूरे कार्य को पूरा करवाने के बारे में विधायक लक्ष्मण यादव ने कहा कि वह चार साल से इसके निर्माण को पूरा करवाने के लिए लगे हुए थे। इसके लिए बार-बार दोनों जिला के उपायुक्तों के साथ बातचीत करवाने की। किसान बाईपास के लिए जमीन देने को राजी हुए और अब कार्य को शुरू करवाने के लिए पैमाइश करवा दी गई है। जल्द ही काम शुरू होगा ।
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वर्जन:
अभी अधूरे बाईपास के लिए पैमाइश हुई है। इसके बाद जिन किसानों की जमीन बाईपास में आई है, उन्हें मुआवजा देने के बाद कार्य शुरू होगा। साथ ही रेलवे के बनने वाले उपरिगामी पुल के कारण इस बाईपास में समय लगेगा। 65 करोड की लागत आएगी। -विरेंद्र सिंह, एसडीओ, लोकनिर्माण विभाग कोसली।