प्रतियोगिता के दौरान एक मंच पर आए विद्यार्थी व शिक्षक। स्रोत : कॉलेज
कोसली। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से गांव झाड़ौदा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में आयोजित बेस्ट मदर प्रतियोगिता में झाड़ौदा की मंजू ने पहला स्थान प्राप्त किया। वहीं खेड़ी नांगल की एकता ने दूसरा और झाड़ौदा की संजू ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
इस दौरान माताओं को शिशु के पोषण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया। प्रतियोगिता में झाड़ौदा, कृष्ण नगर, खेड़ी नांगल और नेहरूगढ़ की महिलाओं ने भाग लिया। बच्चों की लंबाई और वजन के आधार पर विजेताओं का चयन किया गया।
कार्यक्रम में विभाग की सुपरवाइजर पिंकी शर्मा ने कहा कि मां का दूध शिशु के लिए सर्वोत्तम आहार है। उन्होंने बताया कि माताएं अपने बच्चों को कम से कम 6 माह और अधिकतम तीन वर्ष तक स्तनपान करा सकती हैं। इससे मां के स्वास्थ्य या शारीरिक सौष्ठव पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता।
उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक और चिकित्सकीय दृष्टि से यह सिद्ध हो चुका है कि शिशु के समुचित विकास के लिए मां का दूध सबसे उत्तम है। मां का दूध पीने वाले बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक मजबूत होती है और वे लंबे समय तक स्वस्थ रहते हैं। साथ ही इससे मां और बच्चे के बीच स्नेह और भावनात्मक संबंध भी मजबूत होता है।
इस अवसर पर एएनएम राजेश देवी और सीमा ने माताओं को शिशु के छह माह बाद के आहार, पोषण तथा टीकाकरण के महत्व के बारे में जानकारी दी। इसके साथ ही महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, आपकी बेटी हमारी बेटी और सुकन्या समृद्धि योजना के बारे में भी जागरूक किया गया।