जिले के गांव माजरा-भालखी में वीरवार को ट्रांसफार्मर पर बिजली ठीक करते समय करंट लगने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। सूचना के दो घंटे तक बिजली निगम के अधिकारियों के मौके पर नहीं पहुंचने से नाराज ग्रामीणों ने रेवाड़ी-नारनौल रोड पर शव को रखकर जाम लगा दिया। इसके बाद मौके पर पहुंचे निगम के अधिकारी को उन्होंने बंधक बना लिया। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण दोषी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। बाद में एसडीओ के लिखित में कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद जाम खोला और पुलिस को शव उठाने दिया।
जानकारी के अनुुसार खोल थाना क्षेत्र के गांव माजरा-भालखी निवासी 50 वर्षीय ओमप्रकाश के घर की बिजली खराब हो गई थी। वीरवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे पावर कट करने के बाद वह बिजली के ट्रांसफार्मर पर चढ़कर बिजली ठीक कर रहा था। इसी दौरान लाइन में करंट आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना के बाद ग्रामीणों ने बिजली निगम के अधिकारियों को सूचना दी। लेकिन करीब दो घंटे तक अधिकारियों के मौके पर नहीं पहुंचने से ग्रामीणों में रोष पनप गया।
एसडीओ के लिखित आश्वासन के बाद खोला जाम
ग्रामीणों का आरोप था कि निगम के अधिकारियों की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ है। ऐसे में निगम का जांच कर दोषी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही मृतक के आश्रित को सरकारी नौकरी दी जानी चाहिए। करीब आधा घंटा की मशक्कत के बाद एसडीओ ने ग्रामीणों को कार्रवाई का लिखित आश्वासन दिया तब जाकर ग्रामीण जाम खोलने पर सहमत हुए।
ये रहे मौजूद
ग्रामीण रामनिवास, प्रदीप कुमार, बलबीर सिंह, राजेश सिह, सतीश, रोहताश, रामानंद, रविन्द्र हाथी, प्रदीप कुमार, सरपंच, पूर्व चेयरमैन जीतू व जिला पार्षद आजाद सिंह नांधा सहित अन्य ने बताया कि समय रहते बिजली निगम के कर्मचारियों द्वारा ट्रांसफार्मरों की जांच कर फाल्ट को ठीक कर दिया जाता तो यह हादसा न होता। गांव के अन्य ट्रांसफार्मरों का भी यहीं हाल है।
यह थी समस्या
बताया जा रहा है कि बिजली के ट्रांसफार्मर को 11 हजार की हाई वोल्टेज लाइन से जोड़ा हुआ है। कोई हादसा होने की स्थिति में ग्रामीणों द्वारा लाइन काटे जाने के बाद भी बिजली के करंट का प्रवाह होता रहता है। वीरवार को हुए हादसे का भी यहीं कारण था।