प्रशिक्षण शिविर में उपस्थित रेवाड़ी तथा महेंद्रगढ़ जिले के नवपदोन्नत प्राचार्य। विज्ञप्ति
रेवाड़ी। किसी भी विद्यालय की दशा व दिशा को रचनात्मक बनाने में मुखिया की भूमिका निर्णायक होती है, इसलिए नव पदोन्नत प्राचार्य संबंधित प्रशिक्षण को व्यवहारिक बनाकर लाभ उठाएं। यह बात जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) नसीब सिंह ने हुसैनपुर स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में एससीईआरटी, गुरुग्राम के तत्वावधान में इंडक्शन एवं लीडरशिप ट्रेनिंग कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि बोलते हुए कही। सत्र की अध्यक्षता जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र सिंह नारा ने की।
डीईओ ने इस प्रशिक्षण में भाग ले रहे रेवाड़ी तथा महेंद्रगढ़ जिले के नव पदोन्नत प्राचार्यों से कहा कि यह प्रशिक्षण आपकी पूरी सेवा के दौरान आपकी पूंजी रहेगा, वस्तुत: इसे गंभीरता से लें। अध्यक्षीय संबोधन में श्री नारा ने विद्यालय मुखिया के दायित्वों को प्रेरक एवं रचनात्मक बनाने के संस्मरण रखे। सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन ्र से प्रारंभ हुए इस सत्र में वरिष्ठ साहित्यकार प्राचार्य सत्यवीर नाहड़िया ने विश्व पर्यावरण दिवस पर केंद्रित काव्य पाठ किया।
इस प्रशिक्षण के संयोजक वरिष्ठ प्राध्यापक बीरसिंह तथा मनोविज्ञान प्राध्यापक दीपक कुमार ने प्रशिक्षण के बहुआयामी पक्षों की जानकारी दी। कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. संगीता यादव ने किया। डायट परिसर में पौधरोपण के साथ उद्घाटन सत्र का समापन हुआ।
इस अवसर पर डायट हुसैनपुर के स्टाफ के द्वारा विभिन्न प्रभार संभाले गए, जिनमें डॉ. नीरेन पाल, धर्मेंद्र यादव, संजीव कुमार, राज सिंह, राहुल, दीपेंद्र, योगेश, यशपाल ,ब्रह्म व महेंद्र ने विभिन्न भूमिकाएं निभाई।