रेवाड़ी। महाशिवरात्रि पर 15 फरवरी को शिवालयों में जलाभिषेक किया जाएगा। इस मौके पर रुद्राभिषेक करना शुभ माना गया है। मान्यता है कि रुद्राभिषेक से समस्त ग्रह बाधाएं दूर होती हैं।
ज्योतिषाचार्य अजय शास्त्री ने बताया कि 15 फरवरी को प्रदोष और निशीथ काल में चतुर्दशी होने से महाशिवरात्रि व्रत रहेगा। शिवरात्रि को चार प्रहरों में शिव पूजा करने का विधान है। प्रदोष और महाशिवरात्रि का संयोग विशेष फलदायी है।
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि घर में पारद, नर्मदेश्वर और पार्थिव शिवलिंग से पूजा की जा सकती है। शिव को जल, पंचामृत, बिल्वपत्र, भांग, धतूरा, शमी पत्ती आदि अर्पित करने से विशेष लाभ होता है।
गन्ने के रस से अभिषेक करने पर लक्ष्मी की प्राप्ति, दूध से मनोकामना पूर्णता, घी से आरोग्यता, सरसों के तेल से शत्रु नाश, शहद युक्त जल से पाप नाश होता है। शास्त्री ने भक्तों से इस पावन दिन विधिपूर्वक पूजा और व्रत करने की अपील की है।