संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। बावल व धारूहेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में एलपीजी गैस की आपूर्ति बाधित होने से उद्योगों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है। क्षेत्र में संचालित करीब 400 उद्योग इस संकट से प्रभावित हैं। हालत यह है कि कई इकाइयों को मजबूरी में पीएनजी गैस के सहारे काम चलाना पड़ रहा है, जिससे लागत बढ़ने के साथ उत्पादन भी प्रभावित हो रहा है।
उद्योग संचालकों का कहना है कि लंबे समय से एलपीजी गैस की नियमित आपूर्ति नहीं हो रही है। जिन उद्योगों में एलपीजी का अधिक उपयोग होता है, वहां उत्पादन पर सीधा असर पड़ा है। वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर पीएनजी का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन यह सभी इकाइयों के लिए संभव नहीं है और खर्च भी ज्यादा बैठ रहा है।
रेवाड़ी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रधान कृष्ण यादव ने बताया कि गैस आपूर्ति की स्थिति में अब तक कोई खास सुधार नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि उद्योग लगातार परेशानी झेल रहे हैं और प्रशासन को इस ओर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है। गैस संकट का असर श्रमिकों पर भी पड़ने लगा है। कई उद्योगों में कामकाज प्रभावित होने से श्रमिकों को रोजगार की चिंता सताने लगी है।
कुछ श्रमिक दूसरे क्षेत्रों की ओर रुख करने को मजबूर हो रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर श्रमिकों की कमी भी महसूस की जा रही है। वहीं, कंपनियों की कैंटीन में भी एलपीजी गैस की किल्लत से व्यवस्था चरमरा गई है। कर्मचारियों को समय पर भोजन नहीं मिल पा रहा, जिससे असंतोष बढ़ रहा है। उद्योग संचालकों ने सरकार से मांग की है कि एलपीजी गैस की आपूर्ति जल्द सुचारु कराई जाए, ताकि उद्योगों का कामकाज सामान्य हो सके। उनका कहना है कि यदि समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो इसका असर उत्पादन और रोजगार दोनों पर और गहरा पड़ेगा।