रेवाड़ी। 12वीं कक्षा पास करने के बाद फोरेंसिक विज्ञान में कॅरिअर बना सकते हैं। इस फील्ड में जांच करने की नॉलेज होनी चाहिए। इसके लिए पुलिस से लेकर कई विभागों में भर्ती निकलती हैं। फोरेंसिक साइंस विज्ञान की एक अंत: विषय शाखा है जो विज्ञान के सभी विषयों जैसे रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, भौतिकी और गणित के सार का सही सम्मेलन है। यह मूल रूप से अपराध के दृश्यों में पाए जाने वाले किसी भी और हर तरह के भौतिक साक्ष्य को पहचानने व जांचने और गवाही देने के लिए उपयोग किया जाता है। इसमें आपको जांच करने की शिक्षा दी जाएगी। इससे आप एक अच्छे जांचकर्ता भी बन सकते हैं। इस बारे में जानिए राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल गुर्जर घटाल के प्राचार्य रोहताश सिंह की राय
फोरेंसिक अधिकारी बनने के लिए योग्यता
फोरेंसिक कोर्स करने के लिए साइंस फेकल्टी होना जरूरी है। आर्ट्स और कॉमर्स के विद्यार्थियों के लिए इसमें कोई संभावना नहीं है। इस क्षेत्र में कॅरिअर बनाने के लिए सबसे पहले साइंस स्ट्रीम के साथ किसी डिप्लोमा अथवा स्नातक में एडमिशन लेना होगा। जिसमें बीएससी फोरेंसिक साइंस, बैचलर ऑफ एक्सीडेंट फोरेंसिक, बैचलर ऑफ क्रिमिनल जस्टिस-फोरेंसिक साइंस, बैचलर ऑफ फॉरेंसिक साइंस, बैचलर ऑफ लॉ (ऑनर्स) ऑफ क्रिमिनोलॉजी, फॉरेंसिक इन्वेस्टिगेशन में बैचलर ऑफ एप्लाइड साइंस फॉरेंसिक स्टडीज भी कर सकते हैं। इसके बाद पीजी डिग्री भी हासिल कर सकते हैं। इसमें हर नौकरी के हिसाब से योग्यता की डिमांड की जाती है।
फोरेंसिक कोर्स के बाद कॅरिअर में विकल्प : इस कोर्स को करने के बाद आप फोरेंसिक वैज्ञानिक, फोरेंसिक इंजीनियर, किसी भी अखबार या टीवी में क्राइम रिपोर्टर, लिखावट विशेषज्ञ, फोरेंसिक विशेषज्ञ, कानूनी परामर्शदाता, जांच अधिकारी, शोधकर्ता, अपराध दृश्य अन्वेषणकर्ता, कानून सलाहकार व अन्य पदों पर भर्ती हो सकते हैं।
फोरेंसिक साइंस का पाठ्यक्रम : इसमें अपराध और जांच तकनीक, डीएनए अलगाव, फोरेंसिक बैलिस्टिक, पूछे गए दस्तावेज, डीएनए प्रोफाइलिंग, फोरेंसिक जीव विज्ञान, फोरेंसिक फोटोग्राफी, फोरेंसिक मनोविज्ञान, फोरेंसिक विष विज्ञान, फोरेंसिक भौतिकी, साइबर फोरेंसिक और कानून, विश्लेषणात्मक रसायनशास्त्र, वाद्य रसायन व अन्य विषय शामिल हैं।
फॉरेंसिक साइंस के लिए बेस्ट कॉलेज : इस फील्ड के लिए बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू), गुजरात विश्वविद्यालय, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू), द नॉर्थकैप यूनिवर्सिटी, एमिटी यूनिवर्सिटी, पांडिचेरी विश्वविद्यालय, एसजीटी यूनिवर्सिटी व गुड़गांव पारुल विश्वविद्यालय शामिल हैं।
छोटी-छोटी चीजों की करें जांच: इसके लिए आपको जांच करने में रूचि दिखानी होगी। जब भी आप कहीं जाएं तो कुछ न कुछ नया जरूर ढूढकर जाएं। आप हमेशा अपने आप को एक रिपोर्टर की दृष्टि से देखना शुरु करें और अपने आप को जांच अधिकारी समझें। हर चीज को शक़ की नजर से देखना प्रारंभ करें ताकि आप कुछ नया ढूंढ सकें। ऐसे ही प्रयास करते करते आप एक अच्छे फोरेंसिक अधिकारी बन सकते हैं।