रेवाड़ी। हमारा परिवार संस्था के तत्वावधान में भगवद्गीता सप्ताह के अंतर्गत कार्यक्रम जीवन का मधुर संगीत है। भगवद्गीता का आयोजन पंजाबी धर्मशाला पर किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला भाजपा उपाध्यक्ष सुनील ग्रोवर,समाजसेवी आदर्श राजपाल व संस्था के संयोजक दिनेश कपूर ने कहा कि युद्ध के मैदान में संबंधियों, गुरुजनों को देखकर अर्जुन को मोह ने घेर लिया। उन्होंने युद्ध करने से इनकार कर दिया। इसके बाद उनमें वैराग्य उत्पनन्न हो गया और वे संन्यासी बनने की बात कहने लगे।
इस पर भगवान श्रीकृष्ण ने गीता के उपदेश के माध्यम से उसे उसके क्षत्रिय धर्म का बोध कराया। साथ ही कहा कि धर्म की विजय के लिए युद्ध करो यही तुम्हारा धर्म है। अर्जुन को कर्तव्य बोध हुआ उसने अपना गांडीव उठाया व कृष्ण भगवान के निर्देशन में युद्ध लड़ा। धर्म की जीत हुई। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण ने कहा कि धर्म उसी की रक्षा करता है, जो धर्म की रक्षा करता है। अंत में जीत हमेशा धर्म की होती है। प्राचार्य राजेंद्र सिंह यादव, प्रोफेसर सीएल सोनी, शिक्षाविद डॉक्टर बलबीर अग्रवाल व सह संयोजक प्रवीण ठाकुर ने कहा कि ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय व जर्मनी के उच्चतर शिक्षा संस्थानों में भगवद्गीता का नियमित ज्ञान दिया जाता है। भगवान श्री कृष्ण जिन्होंने भगवद्गीता में मानव जीवन की सभी समस्याओं का हल बड़ी सरलता से समझाया है।
हाउसिंग बोर्ड सेक्टर 4 की प्रधान बहन मुकेश कुमारी व पूर्व प्रधान सरोज भारद्वाज ने कहा की भगवद्गीता उपदेश नहीं है, बल्कि जीवन संग्राम में प्रतिदिन की चुनौतियों के बीच जीवन में उचित संतुलन बनाए रखने का सुंदर समावेश है। हमें अपने घरों में अपने परिवारजनों के साथ नियमित भगवद्गीता का पाठ करना चाहिए। सहसंयोजक प्रवीण ठाकुर ने गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो भजन पर सभी को एरोबिक का आनंद दिलाया। कार्यक्रम में नन्हे बच्चों जितेन, सुहाना, तन्वी, पूर्वांशी व ओजस्वी ने अपनी मधुर आवाज में यशोमती मैया से बोले नंदलाला भजन सुना कर सभी की तालियां बटोरी। कार्यक्रम में उल्लेखनीय सेवाओं के लिए समाजसेवी केएल कोहली, रोहित गेरा, राहुल कालड़ा, लक्ष्मी नारायण गुप्ता व कौशल्या देवी को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। आए हुए अतिथियों को भगवान श्री कृष्ण, कान्हा जी, गीता उपदेश व भारत माता के चित्र भेंट किए गए। कार्यक्रम में मुख्यतः समाजसेवी राजेंद्र गेरा, कपिल कपूर, हिमांशु, जूही, राजेंद्र यादव बालावास, श्री नारायण, अशोक वर्मा, रमेश गुप्ता, हितेन शर्मा, नीरू गुप्ता, लक्ष्मी नारायण चुघ, जयकुमार, अरुण वर्मा व साथियों ने सहयोग किया।