टिड्डी दल सोमवार को दोपहर को एक बजे हथीन-मेवात से होते हुए राजस्थान के टपुकड़ा गांव से बावल क्षेत्र के गांव झाबुआ में प्रवेश करते हुए प्राणपुरा, दुलहेड़ा कलां, नागंल शहबाजपुर, सुबाशेहड़ी, पावटी, भादोज, झाबुआ, किशनपुरा, राणोली, नांगल तेजू, नांगल ऊगरा, शाहपुर, शेखपुर व खुर्मपुर आदि गांवों में प्रवेश कर गया। पांच दिन के अंदर दूसरी बार टिड्डी दल ने 1500 एकड़ कपास व बाजरा की फसल पर दो घंटे तक डेरा डाले रखा, इस दौरान प्रशासन की सांसे भी फूल रही। लेकिन पहले से ही अलर्ट प्रशासन के निर्देशों पर किसान अपने खेतों में थाली, ढोल आदि लेकर पहुंच गए और टिड्डी को फसलों पर नहीं बैठने दिया। वहीं गनीमत यह रही कि जैसे ही हवा का रुख बदला तो टिड्डी दल राजस्थान प्रदेश के अलवर जिला के गांव दाधिया गांव होते हुए राजस्थान की सीमा में प्रवेश कर गया। टिड्डी दल पांच किमी. लंबाई व दो किमी. की चौड़ाई में फैला हुआ था। बता दें कि बीते शुक्रवार को भी झुंझनू की तरफ से खोल क्षेत्र में टिड्डी दल का हमला हुआ था, इसमें 10 गांव में काफी नुकसान हुआ था। मंगलवार को पहुंचे टिड्डी दल से हुए नुकसान का अभी तक आकलन नहीं किया जा सका है।
दल के सटीक मूवमेंट की जानकारी से टला नुकसान
दल की लंबाई लगभग पांच किलोमीटर और चौड़ाई दो किलोमीटर थी। टिड्डी दल के मुवमेंट की सटीक जानकारी के लिए कृषि अधिकारी निरंतर पड़ोसी राज्यों व जिलों से निरंतर संपर्क बनाए हुए हैं। इसलिए सटीक जानकारी के आधार पर नोडल अधिकारी एसडीएम बावल रविंद्र कुमार , उपनिदेशक कृषि विभाग जसविंद्र सैनी बचाव दल के साथ मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों को भी प्रशासन ने समय पर सचेत कर दिया था।
हवा के रुख ने दिया साथ को टली बला
मंगलवार को हवा के रूख ने भी साथ दिया और जल्द ही टिड्डी दल राजस्थान की सीमा में प्रवेश कर गया। प्रशासन ने टिड्डी दल से फसली नुकसान कम करने के लिए फायर बिग्रेड, ट्रेक्टर चालित मांउटेड स्प्रे आदि से क्लोरपैरिफोस स्प्रे कार्य की तैयारी की गई थी। ग्रामीण भी सजग नजर आए उपायुक्त ने बताया कि टिड्डी दल की सूचना मिलते ही ग्रामीण भी थाली, ड्रम, ढोल आदि लेकर खेेतों की तरफ दौड़ पड़े।
40 डिग्री पारे के बावजूद फसलों को बचाने के लिए दौड़े किसान व प्रशासन
40 डिग्री पारे के बीच चिलचिलाती धूप में किसान अपनी फसलों को बचाने खेतों की ओर थाली, टीन, ड्रम व परात लेकर दौड़ पड़े। वहीं प्रशासनिक अधिकारी भी पूरी तत्परता दिखाते हुए खेतों में डटा रहा। दो घंटे के बाद हवा के रुख ने भी साथ दिया तो राजस्थान की सीमा में कर गया प्रवेश। प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्था और ग्रामीणों के सहयोग से टिड्डी दल कहीं पर भी नहीं बैठ या रूक पाया।
संभावित हमले के खतरे को देखते हुए 40 टीमें गठित
कृषि अधिकारियों की 40 टीमें गठित की गई हैं जो पूरे जिले में निरंतर निगरानी कर रही हैं। टिड्डी दल के मूवमेंट की समय पर सही जानकारी मिलने से फसली नुकसान को कम किया जा सकता है। एसडीएम बावल रविन्द्र कुमार को टीमों का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। टिड्डी दल दिखाई पड़ने शीघ्र ही अधिकारियों को सूचना दे सकते हैं।
इन नंबरों पर ले सकते हैं सहायता
समय पर बचाव की कार्रवाई की जा सके। 24 सौ घंटे जिला स्तरीय कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर 01274-222322 तथा मोबाइल नंबर 9467259229 (रविन्द्र कुमार, कृषि विकास अधिकारी, पौधा संरक्षण), ब्लॉक कृषि अधिकारी कोसली 8684888854 तथा सतीश एडीओ नाहड़ 9812470692 को टिड्डी दल को देखते ही सूचना दें।